हज़ूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अन्दाजे़ तकल्लुम

ज़ब्त करूँ मैं कब तक आह चल मेरे ख़ामा बिस्मिल्लाह मोह़सिने काएनात सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इरशाद वही फ़रमाते थे जो

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