
भारत ने गुरूवार को तुर्की से उसके आंतरिक मामलों पर टिप्पणी से बचने को कहा तथा सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा देने के खिलाफ भी उसे आगाह किया।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने गुरूवार को दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद भारत की निंदा की थी।
भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने कहा, ‘‘मैं तुर्की को केवल इतनी सलाह दे सकता हूं कि भारत के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने से बचे और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की बेहत समझ विकसित करे।’’
पाकिस्तान ने यहां संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में जम्मू कश्मीर के मानवाधिकारों को लेकर चिंता जताई थी जिसके बाद आर्यन ने अपने उत्तर के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उक्त बात कही।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें इस बारे में भी आगाह करता हूं कि सीमापार आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दें।’’
तुर्की कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करता आ रहा है। उसके राष्ट्रपति एर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस विषय को उठाकर भारत की नाराजगी मोल ली। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून की भी आलोचना की है।
This post appeared first on The Siasat.com