
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार की सुबह हुए शक्तिशाली बम विस्फोट में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई और 68 घायल हो गए. तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. सोमवार को हमला उस वक्त हुआ, जब अफगानिस्तान में शांति बहाली की वार्ता के लिए एक तालिबान प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी प्रतिनिधि कतर में सातवें दौर की बैठक कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया कि आतंकवादी उच्च सुरक्षा वाले पुल-ए-महमूद खान इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में घुस गए और स्थिति को नियंत्रित करने वहां पहुंचे सुरक्षा बलों के साथ फायरिंग शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, आतंकियों ने पहले विस्फोटकों से भरी कार का विस्फोट किया और इसके बाद फायरिंग शुरू की. यह क्षेत्र रक्षा मंत्रालय इमारत की एक शाखा, एक स्पोर्ट्स स्टेडियम, सूचना और संस्कृति मंत्रालय की एक शाखा और घरों के करीब है.
एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने एक बयान में हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि लक्ष्य रक्षा मंत्रालय का रसद और इंजीनियरिंग विभाग था. बयान के अनुसार, प्रवेशद्वार पर शुरुआती विस्फोट ने आतंकियों के लिए इमारत में घुसने और अंदर सुरक्षाकर्मियों को अपना निशाना बनाने के लिए रास्ता खोल दिया. इसमें दावा किया गया कि अब तक कई जवानों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को मार दिया गया और हमला अभी भी जारी है.
विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. धुएं का विशाल गुबार देखा गया. रक्षा मंत्रालय के उप-प्रवक्ता फवाद अमन ने एफे को बताया कि यह हमला मंत्रालय के रसद और इंजीनियरिंग विभाग के पास हुई. बमबारी जहां हुई, वहां शमशाद टीवी का मुख्यालय भी है जिससे वहां के कर्मचारी घायल हो गए हैं. वहां के पत्रकार ने यह जानकारी दी.
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