नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने अपने कैरियर के पीक पर बॉलीवुड को अलविदा कहने वाली और एक्टिंग छोड़ने के ऐलान से बॉलीवुड में धमाल मचा देने वाली जायरा वसीम के बारे में एक सभा को सम्बोधित करते हुए उसका समर्थन किया।
असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि 18 साल की लड़की ज़ायरा वसीम ने जब बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान किया तो हर एक टीवी का एंकर ऐसे बोल रहा था जैसे उनकी बेटी बन गई है वो,ऐसा लग रहा था कि जैसे इन लोगों ने अपने पेट में 8 /9 महीने रखकर जन्म दिया।
ओवैसी ने कहा कि जायरा वसीम के मामले में मीडिया ने कुछ रोल अदा किया है वो इस लिए है कि मुसलमान ने अब बोलना शुरू कर दिया,तुमको गुस्सा इस बात का है कि मुस्लिम महिलाएं दिल खोलकर कह रही हैं इस्लाम ज़िन्दाबाद,तुम ये नही चाहते कि हम मुंह खोलें,तुम ये नही चाहते हम विरोध करें।
ओवैसी ने कहा कि तुम को गुस्सा इस बात का है कि कैसे इस 18 साल की बच्ची ने इतना बड़ा फैसला ले लिया,ये नया हिन्दोस्तान है,मैं सलाम करता हूँ ऐसे नोजवान बच्चे और बच्चियों को जो दीन कि सरबुलंदी के लिये फैसला ले रहे हैं ।

ओवैसी ने कहा कि मासूम 18 साल की बच्ची के फैसले पर ऐसा हँगामा मचाया जैसे आसमान गिर गया हो जबकि कोई भी फैसला लेने का उसका अधिकार है,ओवैसी ने कहा आप चाहते क्या है हमारे से ? क्या हम अपना दीन छोड़ दें ? क्या हम अपने चहरों से दाढ़ियों को मिटा दें ? सिर पर से टोपी को हटा दें ?

ओवैसी ने कहा कि उस बच्ची ने हम सबको आईना दिखाया है,उसने अपने शोहरत के उरूज पर कहा जो मज़ा रसुल्लाह गुलामी में है,जो मज़ा अल्लाह की इबादत में है,इस दुनिया की शौहरत में नही है।