भारतीय अर्थव्यवस्था अब तक के सबसे बुरे दौर में, 4.5% पहुंची GDP ग्रोथ रेट

भारतीय अर्थव्यवस्था अब तक के सबसे बुरे दौर में, 4.5% पहुंची GDP ग्रोथ रेट

देश की आर्थिक विकास दर में सितंबर तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई-सितंबर तिमाही में आर्थिक विकास दर 4.5 फीसदी रही जबकि एक साल पहले इस समय आर्थिक विकास दर 7 फीसदी थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बुनियादी उद्योगों (Core Sector) का उत्पादन अक्टूबर में 5.8 प्रतिशत गिरा।

देश में विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत पर रह गयी। एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत थी। वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा शुक्रवार को जारी जीडीपी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर के दौरान स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी 35.99 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल इसी अवधि में 34.43 लाख करोड़ रुपये था। इस प्रकार, दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही।

आलोच्य तिमाही में कृषि, वानिकी और मत्स्यन पालन क्षेत्र में 2.1 प्रतिशत और खनन और उत्खनन में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। वहीं विनिर्माण क्षेत्र में इस दौरान 1 प्रतिशत की गिरावट रही।

इन तीनों समूह के खराब प्रदर्शन के कारण आर्थिक वृद्धि दर कमजोर रही। इसके अलावा बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगकी सेवाओं के क्षेत्र में चालू वित्त वर्ष जुलाई-सितंबर तिमाही में 3.6 प्रतिशत और निर्माण क्षेत्र में 3.3 प्रतिशत वृद्धि रहने का अनुमान लगाया गया है। आलोच्य तिमाही में सकल मूल्य वर्द्धन (GVA) 4.3 प्रतिशत रहा। जबकि एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत थी।

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