निर्भया केस में दोषी विनय शर्मा की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका में दोषी विनय शर्मा को स्वस्थ्य नहीं बताया गया है। याचिका में कहा गया है कि विनय इस स्थिति में नहीं है कि वह अपनी मां तक को पहचान सके। विनय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की मांग की गई है।
Nirbhaya Case: After the conclusion of arguments, Delhi Court reserved the order on the application of one of the death row convicts Vinay Sharma who had sought a direction to provide high-level medical treatment to him
— ANI (@ANI) February 22, 2020
वहीं सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने दोषी विनय का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक बताया। जेल प्रशासन ने कहा कि उसका इलाज कोर्ट के मुताबिक ही हुआ है। विनय को कोई मानसिक बीमारी नहीं हुई है। जेल के डॉक्टर ने इसकी पुष्टि की है।
Nirbhaya Case: Public Prosecutor Irfan Ahmad also stated 'convict Vinay Sharma made two phone calls recently to his mother and his lawyer, So why is his lawyer claiming that he is not even in the position to identify his mother also?' https://t.co/0a1e2VkAKK
— ANI (@ANI) February 22, 2020
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील इरफान अहमद ने कहा कि दोषी विनय शर्मा ने अपनी मां और उनके वकील को हाल ही में दो फोन कॉल किए थे, इसलिए उनका वकील यह दावा क्यों कर रहे हैं कि वह अपनी मां को भी पहचानने की स्थिति में नहीं है।
फिर दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने कहा, “मैं 18 फरवरी को विनय शर्मा से मिला था, उस समय वीडियोग्राफी हुई थी। वीडियोग्राफी की रिपोर्ट लाइए, पता चल जाएगा कितने लोग विनय पागल को पकड़ कर लाए, कैसे वो मुझे पहचान नहीं रहा था, उसका सीधा हाथ टूटा था। अगर वीडियो में यह सब ना हो तो मैं वकालत छोड़ दूंगा।”
वहीं निर्भया केस के दूसरे आरोपी पवन गुप्ता ने तिहाड़ जेल में नई कानूनी सहायता लेने से मना कर दिया है। गौरतलब है कि बीते सप्ताह दोषी के वकील एपी सिंह ने मामले से खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद रवि काजी को पवन गुप्ता का नया वकील नियुक्त किया गया था। पवन गुप्ता ने अभी तक क्यूरेटिव या दया याचिका दायर नहीं की है। तीन अन्य आरोपियों के साथ उसे भी 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी की सजा दी जाएगी। पवन के वकील ने मीडियाकर्मियों से कहा कि हालांकि बीते कुछ दिनों से पवन के साथ उनकी बातचीत नहीं हो पाई है, ऐसे में उनकी तरफ से कोई भी कानूनी उपाय नहीं किया गया है।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)