
झारखंड के खूंटी जिले मे भीड़ ने एक शख्स को पीट-पीटकर मार डाला है वहीं दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इन सभी पर गोमांस ले जाने का आरोप लगा है। पुलिस का कहना है कि भीड़ ने पीड़ितों पर जलतानदा सुआरी गांव में तब हमला किया जब वह कथित तौर पर पशु शव से मीट निकालकर ले जा रहे थे।
अमर अमर पर छपी खबर के अनुसार, छोटानागपुर रेंज के डीआईजी होमकर अमोल वेनुकांत ने कहा, ‘तीन ग्रामीणों की पहचान कलंतुस बरला, फिलिप होरो और फागु कच्छप के तौर पर हुई है।
इनपर आरोप है कि वह प्रतिबंधित जानवर का मांस लेकर जा रहे थे। अन्य गांववालों की उनपर नजर पड़ी और उन्होंने उनकी पिटाई शुरू कर दी। हालांकि पुलिस को घटना की जानकारी मिली और वह मौके पर पहुंची।
जिसके बाद पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया। बरला को बहुत ज्यादा चोट लगी थी और उसकी अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई।’
डीआईजी का कहना है कि उसे घटना की कड़ियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है और यह मामला जांच के अंतर्गत है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और बहुत कम लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इससे पहले इस साल अप्रैल में आदिवासी ईसाई प्रकाश लाकड़ा को भीड़ ने इसलिए पीट-पीटकर मार डाला था क्योंकि वह मृत बैल से मांस निकाल रहा था। यह घटना गुमला जिले में घटित हुई थी।
ताजा मामले में पुलिस ने घायलों के खिलाफ झारखंड गोजातीय पशु वध के निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। राज्य में अकेले सितंबर में इस तरह के तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
साबिहगंज जिले में 11 सितंबर को 70 साल के शख्स की बच्चा चोरी के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं तीन और छह सितंबर को भी अफवाह के कारण इस तरह की घटना घट चुकी है।
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