जेएनयू हिंसा: कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में सुनियोजित बताया!

जेएनयू हिंसा: कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में सुनियोजित बताया!

कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने कहा है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपसमें 5 जनवरी को हुई हिंसा के पीछे सरकार का हाथ था।

 

भास्कर डॉट कॉम पर छपी खबर के अनुसार, कमेटी ने यूनिवर्सिटी के कुलपति एम जगदीश कुमार को तत्काल हटाने की अनुशंसा की। समिति ने कुलपति के वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों की पड़ताल करने औरउनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने की सिफारिश भी की।रविवार को इस समिति ने सोनिया गांधी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चार सदस्यों की समिति बनाकर जेएनयू हिंसा के बारे में विस्तार से जांच करने को कहा था। महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव, एनएसयूई केपूर्व अध्यक्ष हिबी ईडन, सांसद सैयद नसीर हुसैन और एनएसयूआई की पूर्व अध्यक्ष अमृता धवन की इस समिति ने जेएनयू पहुंचकर मामले की जांच की।

समिति ने पांच अहम बिंदुओं के जरिए जेएनयू हिंसा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय दी।इस बीच, दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने हिंसा से जुड़े 7 और लोगों की पहचान करने की बात कही है।

कुलपति एम जगदीश कुमार को तुरंत हटाया जाना चाहिए। 27 जनवरी, 2016 के बाद से अब तक हुई सभी नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। इस दौरान लिए गए सभी वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों की भी पड़ताल की जानी चाहिए।

कुलपति के खिलाफ आपराधिक जांच की शुरू होनी चाहिए। 5 जनवरी को साबरमती और पेरियार हॉस्टल में हमले की साजिश में साथ देने वाले शिक्षकों के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। सुरक्षा देने वाली कंपनी का अनुबंध तुरंत खत्म करके, उसके खिलाफ भी जांच की जानी चाहिए।

जेएनयू में 5 जनवरी के घटनाक्रम की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा कैसे शुरू हुई।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। 5 जनवरी को छात्रों और शिक्षकों के इमरजेंसी कॉल के बावजूद, पुलिस एक्शन लेने में नाकामयाब रही। साथ ही शुरुआती सबूत यह दिखाते हैं कि उन्होंने कैंपस में आपराधिक तत्वों की मदद की।

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी को प्रशासन तुरंत वापस ले। छात्र संघ को निर्वाचित इकाई की मान्यता दी जाए, ताकि छात्रों और प्रशासन के बीच फीस और दूसरे मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया जा सके।

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 5 जनवरी (रविवार) की रात को हिंसा हुई थी। नकाबपोशों ने छात्र-शिक्षकोंको डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा।

वे ढाई घंटे तक कैंपस में कोहराम मचाते रहे।दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 9 छात्रों को पहचानने का दावा किया था।

साभार- भास्कर डॉट कॉम

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