
पाकिस्तान में अगले माह बहुत बड़े पैमाने पर फेरबदल होने वाला है। सेना अपने द्वारा बनाए गए प्रधानमंत्री इमरान खान को हटाकर किसी और की ताजपोशी करने की तैयारी कर रही है। पाकिस्तान के जियो टीवी न्यूज चैनल पर इसको लेकर बहस भी हो चुकी है।
बहस में शामिल पाकिस्तानी नेताओं का कहना था कि 27 अक्टूबर तक इमरान खान प्रधानमंत्री रहेंगे उसके बाद उनको पद से हटाकर किसी नए की ताजपोशी की जाएगी।
ऐसा भी कहा गया कि जिस नए शख्स को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा, उसके बाद ही भारत के साथ युद्ध करने की रणनीति बनाई जाएगी। इन दिनों पाकिस्तानी सेना इसी पर तैयारी कर रही है। ये हैं इसकी छह वजह।
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, पाकिस्तान में प्रधानमंत्री का चुनाव सेना की पसंद होती है। सेना जिसको चाहती है वो पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनता है। सेना की ओर से चुना गया प्रधानमंत्री यहां अपने हिसाब से कुछ नहीं कर पाता है, उसे सेना के इशारे पर ही काम करना होता है।
यदि किसी तरह का विरोध होता है तो सेना उसको किनारे कर देती है। भारत ने जब से जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है उसके बाद से पाक आर्मी और प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के विरोध में लगे हुए है।
अभी तक सेना ने उनको जिस-जिस देश से समर्थन मांगने के लिए कहा वो वहां गए और समर्थन मांगा मगर नाकामयाबी हाथ लगी। पाकिस्तानी संसद में भी इमरान खान सर्वमान्य नेता नहीं है, संसद में जब वो बोलने के लिए खड़े होते हैं तो वहां के सांसद ही नाजी गो बैक-नाजी गो बैक के नारे लगाते हैं।
इस पर इमरान खान ने खुद ही संसद में बोला था कि उनका पूरा नाम इमरान खान नियाजी है। वहां के सांसद भी इमरान को बाहरी मानते हैं और कोई बाहरी उनके ऊपर राज करें या पाकिस्तान के रहने वालों को पसंद नहीं है।
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