यस बैंक के ग्राहकों को एक और नोटबंदी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यस बैंक के ग्राहक अपने ही पैसों के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार (5 मार्च, 2020) को यस बैंक के ग्राहकों के लिए 50,000 रुपए की निकासी सीमा तय कर दी है। लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले ही वडोदरा स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी ने 265 करोड़ की राशि बैंक से निकाल ली थी। जनसत्ता को सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक ये राशि दूसरे बैंक में जमा कर दी गई। गुरुवार से येस बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपए की निकासी सीमा तय की है। यह व्यवस्था 30 दिन के लिए की गई है।
मामले में वडोदरा महानगरपालिका के उपायुक्त (प्रशासन) सुधीर पटेल ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अनुदान के हिस्से के रूप में केंद्र से यह राशि प्राप्त हुई थी और एक स्थानीय यस बैंक शाखा में जमा की गई थी। उन्होंने दो दिन पहले ही यस बैंक की समस्याओं पर विचार किया और बैंक ऑफ बड़ौदा में इस राशि को जमा करा दिया गया।
बता दें कि निकासी सीमा तय होने के बाद से ही यस बैंक के ग्राहक बेहद परेशान हैं। लोग अपने बच्चों के स्कूल फीस, घर और गाड़ी की ईएमआई तक नहीं भर पा रहे हैं। यस बैंक के शाखाओं और एटीएम के बाहर लंबी कतरें लग रही है। वहीं रिजर्व बैंक ने बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया हैं भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व उप प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी प्रशांत कुमार को बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है।
Modi bhakton!! Ab to aankh khol lo
MODI HUKUMAT PURE DESH MEN HINDU MUSLIM FASAAD KARWA KAR SAB KO BE WAQOOF BANA RAHI HAI EK DIN AISA AAYEGA YEH PURE DESH KO BECH KAR BHAAG JAYEGA