नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने पार्टी मुख्यालय दारुल सलाम स्थित जलसा रहमतुल लिल आलमीन को संबोधित करते हुए अयोध्या विवाद पर जमकर तंज कसा।
अयोध्या विवाद में आए फैसले पर बीजेपी और आरएसएस पर तंज कसा है और आरोप लगाया है कि संघ देश के मुसलमानों को भगवा रंग में रंगना चाहता है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को कहा कि आरएसएस आपलोगों को गुलाम बनाना चाहती है लेकिन आप लोग गुलाम मत बनो बल्कि बराबरी हासिल करो

ओवैसी ने कहा, “मेरे रगों में जो खून दौड़ रहा है वो शहादत के लिए बेचैन है मगर याद रखो कि यहां से जो आवाज उठेगी, इंशा अल्लाह पूरे हिन्दुस्तान में आवाज गूंजेगी।”उन्होंने फिर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुप्री है लेकिन अचूक नहीं है। ओवैसी ने कोर्ट पर तंज कसा कि घर मेरा टूटा और घर से बाहर भी मुझे ही किया गया।
ओवैसी यहीं नहीं रुके। उन्होंने पूछा कि अगर बाबरी मस्जिद अवैध थी तो उसे गिराने वाले लालकृष्ण आडवाणी पर मुकदमा क्यों किया? वो मुकदमा क्यों चल रहा है? और अगर बाबरी मस्जिद वैध थी तो फिर उसे हिस्सा क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा कि हम जमीन के लिए नहीं लड़ रहे बल्कि इंसाफ और अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।
बता दें कि फैसला आने के बाद ओवैसी ने उस पर नाराजगी जाहिर की थी और कहा था कि वो फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह हम भी फैसले से सहमत नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट से भी चूक हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ही ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम सौंपा गया है।
ओवैसी ने 5 एकड़ जमीन दिए जाने पर कहा कि मुसलमानों को खैरात नहीं चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और संघ परिवार देश को हिंदुत्व के एजेंडे पर ले जाना चाहता है। अयोध्या पर फैसला एक उदाहरण है। इसके बाद एनआरसी और कॉमन सिविल कोड उसके एजेंडे में है।
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