
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जम्मू एवं कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को जम्मू एंड कश्मीर बैंक में पिछले दरवाजे से की गई नियुक्तियों में उनकी भूमिका स्पष्ट करने को कहा है. मुफ्ती को उनके कुछ मंत्रियों के संदर्भ में उनकी भूमिका बताने को कहा गया है.
ACB के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मुफ्ती को एक संदेश भेजा है, जिसमें कहा गया है कि जम्मू एंड कश्मीर बैंक में पिछले दरवाजे से की नियुक्तियों की जांच के दौरान यह सामने आया है कि कुछ मंत्रियों ने इस बैंक के अध्यक्ष को इसके लिए सिफारिशें भेजी थीं.
मुफ्ती से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है कि क्या इसमें उनका कोई मौखिक या किसी और प्रकार का समर्थन था?
इस मामले में जब सूत्रों से पूछा गया कि अगर मुफ्ती का जवाबदेही असंतोषजनक पाई गई तो ACB द्वारा अगला कानूनी कदम क्या होगा, तो सूत्रों ने कहा, “इस स्थिति में उन्हें जांचकर्ताओं के सामने पेश होने के लिए बुलाया जाएगा.”

ACB जांच के दौरान जे एंड के बैंक के बर्खास्त चेयरमैन परवेज अहमद नेंग्रू के कामकाज में दर्जनों ऐसे नियुक्तियों का पता चला जो पिछले दरवाजे से की गई थी.
हालांकि ACB का लेटर मिलने के बाद महबूबा मुफ्ती ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा, ‘ऐंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से ये पत्र मिलना मेरे लिए हैरानी वाली बात नहीं है. मेनस्ट्रीम लीडर एकजुट न हो पाएं इसके लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं. इस तरह के प्रयास चल नहीं पाएंगे.’
शेयर होल्डर्स और जमाकर्ताओं के आश्वासन ने हालांकि अब बैंक को संकट की स्थिति से बाहर निकाल दिया है और राज्य के सबसे बड़े वित्तीय संस्थान को बनाए रखने और मजबूत करने के प्रयास जारी हैं.
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