28 कंपनियों को बेच रही है मोदी सरकार, संसद में बेशर्मी से बोले मंत्री- घाटा हो या मुनाफ़ा हम तो बेचेंगे

 

अवंतिका

28 और सार्वजनिक कंपनियां बिकने की कग़ार पर!

मोदी सरकार ने इस वक्त देश की 28 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पी.एस.यू) को बेचने की तैयारी शुरू कर दी है. इन सभी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार ने सैद्धांतिक रूप से हामी भर दी है.

लोकसभा में जब तमिल नाडु के डी.एम.के सांसद पी वेलुसामी ने ऐसी कंपनियों का ब्यौरा मांगा जिन्हें हिस्सेदारी बेचने के लिए चिन्हित किया गया है. इसके जवाब में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने 28 कंपनियों को बेचने की मंशा जाहिर की.

बेचने का आधार क्या है?

अनुराग ठाकुर ने अपने लिखित जवाब में इन कंपनियों को बेचने का आधार प्राथमिकता को बताया है. उनके जवाब के अनुसार लाभ-हानि के आधार पर विनिवेश का फैसला नहीं लिया जाता है, बल्कि कंपनियों के क्षेत्रों की प्राथमिकता ही ऐसे किसी भी विनिवेश का आधार होती है

एक न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019-20 के दौरान सरकार ने विनिवेश के लिए 65,000 करोड़ का लक्ष्य रखा. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार रणनीतिक बिक्री के साथ हिस्सेदारी बेचने जैसी नीतियों का सहारा लेती है.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लिखित जवाब में जिन कंपनियों को विनिवेश के लिए चिन्हित किया था, वो कंपनियां हैं-
1- स्कूटर्स इंडिया लि.,
2- ब्रिज ऐंड रूफ कंपनी इंडिया लि,
3- हिंदुस्तान न्यूज प्रिंट लि.,
4- भारत पंप्स ऐंड कम्प्रेसर्स लि,
5- सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि.,
6- सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि,
7- भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड,
8- फेरो स्क्रैप निगम
9- पवन हंस लिमिटेड,
10- एअर इंडिया और उसकी पांच सहायक कंपनियां और एक संयुक्त उद्यम,
11- एचएलएल लाइफकेयर,
12- हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लि.,
13- शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया,
14- बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड.
15- नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट में विनिवेश की सैद्धांतिक मंजूरी बीते आठ जनवरी को दी गई.
16- हिंदुस्तान प्रीफैबलिमिटेड (HPL),
17 – इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड,
18- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन
19- कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR)
20- एनएमडीसी का नागरनकर स्टील प्लांट,
21- सेल का दुर्गापुर अलॉय स्टील प्लांट, सलेम स्टील प्लांट और भद्रावती यूनिट.
22- टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL)
23- इंडियन मेडिसीन ऐंड फार्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (IMPCL),
24- कर्नाटक एंटीबायोटिक्स,
25-इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (ITDC) की कई ईकाइयां
26- नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO)
27- प्रोजेक्ट ऐंड डेवलपमेंट इंडिया लि.
28- कामरजार पोर्ट

पहले कौन सी ऐसी कंपनियों को बेचा गया है?

मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सरकार ने विनिवेश के जरिए 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सरकार अपने लक्ष्य के आसपास भी नहीं है. सरकार ने अबतक करीब 17 हजार करोड़ रुपये ही जुटाएं हैं. लेकिन इतने ही पैसे जुटाने में काफी कंपनियों की हिस्सेदारी बेची जा चुकी है.

पिछले साल 20 नवंबर को सरकार ने फैसला किया था कि बीपीसीएल समेत 5 बड़ी कंपनियों के हिस्से बेचे जाएंगे. ये कंपनियां हैं- BPCL, CONCOR, SIC, THDC और NEEPCO. उदाहरण के लिए, NTPC का विनिवेश प्रतिशत साल 2014 में 0.04% था जो कि साल 2017 में बढ़कर 5% हो गया था.

देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति किसी भी तरह से फिलहाल ऊपर उठती हुई तो नहीं दिख रही है. इस आर्थिक सुस्ती या मंदी जो भी कह लें, इससे निबटने के लिए सिर्फ रिजर्व बैंक से मोटी मोटी रकम उधार लेना काफी नहीं है. विनिवेश कितना कारगर रहेगा ये भी देर-सबेर सभी को समझ आ ही जाएगा. लेकिन तब तक आप हम बस यही मना सकते हैं कि हम या हमारे जानने वालों के घर चूल्हा जलता रहे.

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