बढती गर्मी की वजह से बिजली की खपत भी बढती जा रही है। महारष्ट्र में इस वक्त रोजाना 20, 000 मेगा वाट बिजली की जरुरत। लेकिन कोयेले और पानी के कमी से सिर्फ 16,000 मेगा वाट बिजली ही पैदा हो रही है। एम् एस इ बी ने इमरजेंसी लोड शेडिंग शुरू की। कुल 30,000 फीडर को A B C D E F G1 G2 और G3 केटेगरी में बाँट दिया गया। जिस फीडर पर बिजली चोरी जितनी ज्यादा और वसूली जितनी कम उसपर उतनी ज्यादा लोड शेडिंग की जा रही है। फ़िलहाल G केटेगरी के फीडर पर सबसे ज्यादा 6 से 7 घंटे लोड शेडिंग की जा रही है। इस केटेगरी में लगभग 15,000 फीडर आते है। इसमें मराठवाडा, विदर्भ और खानदेश के ज्यादा गाव शहर शामिल है।