नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर लोकसभा में एक जवाब के उत्तर में मंगलवार को कहा कि सीएए नागरिकता देता भी है और लेता भी है।
ओवैसी ने कहा कि असम में 5 लाख मुसलमान के नाम नहीं आए.. पर असम के बंगाली हिंदू को नागरिकता देना चाहते है। औवेसी ने कहा कि मैं घुसपैठिया नहीं घुसपैठियों का बाप हूं, एनपीआर-एनआरसी एक ही हैं।

नागरिकता संशोधन कानून पर देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने भी बयान दिया। उन्होनें कहा कि मुल्ला मौलवी तीन प्रमुख विषयों पर अपनी कुंठा सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर निकाल रहे हैं।
यहां माघ मेले में लगे विहिप के शिविर में संवाददाताओं से बातचीत में कोकजे ने कहा, “मुल्ला मौलवी अनुच्छेद 370 हटने पर कुछ बोल नहीं पाए, तीन तलाक कानून पर उन्हें बहुत कुंठा थी, लेकिन कुछ बोल नहीं पाए और राम जन्मभूमि पर फैसला न्यायालय ने दिया, उस पर कुछ बोल नहीं पाए। इन विषयों पर अपनी भड़ास वे यहां निकाल रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “विपक्षी संविधान की बात करते हैं। अगर यह कानून संविधान सम्मत नहीं है तो यह घोषित करने का अधिकार उच्चतम न्यायालय को है जहां उन्होंने याचिकाएं लगा रखी हैं। आप बहस करें कि यह संविधान के किस प्रावधान के विरुद्ध है। न्यायालय अगर कह देगा कि यह असंवैधानिक है तो सरकार चाह कर भी इसे लागू नहीं कर पाएगी।” कोकजे ने कहा कि शाहीन बाग जैसे स्थानों पर महिलाओं में सीएए और एनपीआर को जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। कोई भी इस कानून के प्रावधानों के बारे में बात नहीं करता। नागरिकता राज्य का विषय नहीं है, केंद्र का विषय है। इसके बावजूद कई राज्य कह रहे हैं कि वे इसका पालन नहीं करेंगे। यह सब शासन को अस्थिर करने और समाज में भ्रम पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विहिप अपने मूल उद्देश्य- अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण तक पहुंच गया है। मंदिर का डिजाइन क्या होगा, कौन बनाएगा ये चीजें गौण हैं। एक बार ट्रस्ट का गठन होने पर उनके लोगों से विचार-विमर्श हो सकता है।
धर्मांतरण के मुद्दे पर कोकजे ने कहा कि विहिप हिंदू समाज में ऊंच नीच, भेदभाव खत्म करने के लिए सामाजिक समरसता अभियान चलाएगा क्योंकि हिंदू धर्म में ही समरसता है और लोगों को इसके बारे में याद दिलाना है। धर्मांतरण का शिकार सबसे अधिक वंचित तबका होता है जिसे सशक्त करने पर विहिप कार्य करेगा।
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