
देश के गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. शाह ने कहा कि चुनावों से पहले चुनावी रैलियों में जब मैंने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहा कि अगर गठबंधन की जीत होगी तो देवेंद्र फडणवीस सीएम होगे तब किसी ने आपत्ति नहीं जताई लेकिन अब परिणाम आने के बाद शिवसेना नई मांग लेकर आ गई है. शाह ने कहा कि इस मांग की स्वाकारा नहीं जाएगा.
शाह ने कहा कि इससे पहले किसी भी राज्य में सरकार बनाने के लिए 18 दिन का समय नहीं दिया गया था. राज्यपाल ने विधानसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद पार्टियों को सरकार बनाने को लेकर आमंत्रित भी किया था. इस मामले पर शिवसेना-राकांपा या खुद हमने दावा नहीं किया. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के पास संख्या है तो वह राज्यपाल से संपर्क कर सकती है.
गृहमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के सभी राजनीतिक दलों के पास मौका है, जिस दल के पास बहुमत है वो दल गवर्नर के पास जा सकता है. राज्यपाल ने किसी को भी सरकार बनाने से इनकार नहीं किया है. उन्होंने कपिल सिब्बल पर निशाना साधते हुए कहा कि कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकील यह बचकानी दलील दे रहे हैं कि सरकार बनाने देने से हमने रोका.
शाह ने कहा कि इस हरकत से भाजपा को नुकसान हुआ है. भाजपा नहीं चाहती कि चुनावा दोबारा किए जाए. उन्होंने भाजपा को पाक साफ बताते हुए कहा कि हमें शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं है और न ही हमने कोई विश्वासघात किया है. गौरतलब है कि कल महाराष्ट्र के गवर्नर और केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश के बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी थी. जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया.
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