
अयोध्या केस की सुनवाई के 14वें दिन रामजन्म भूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने तीन किताबों का ज़िक्र करते हुए कहा कि आईने अकबरी, हुमायूंनामा में बाबर द्वारा बाबरी मस्जिद बनने की बात नहीं है।
तुर्क-ए-जहांगीरी किताब में भी बाबरी मस्जिद के बारे में कोई जिक्र नही हैं। पीएन मिश्रा ने कहा कि हमारे मंदिर को तोड़ा गया। बाबर सिर्फ इस बात से वाकिफ़ था कि ज़मीन वक़्फ़ की है।
ज़ी न्यूज़ पर छपी खबर के अनुसार, पीएन मिश्रा ने कहा कि निकोलो मनूची ने एक किताब लिखी थी जो इटालियन था और औरंगज़ेब का कमांडर था। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि औरंगज़ेब का इटालियन कमांडर था? पीएन मिश्रा ने कहा कि-हां औरंगज़ेब का कमांडर इटालियन था।
इससे पहले मंगलवार को 13वें दिन की सुनवाई में निर्मोही अखाड़ा की दलीलें पूरी होने के बाद रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति की तरफ से पीएन मिश्रा ने पक्ष रखना शुरू किया था।
उन्होंने अपनी बहस शुरू करते हुए कहा था कि मंदिर को शिफ्ट किया जा सकता है। रामजन्मभूमि को शिफ्ट नहीं किया जा सकता, जैसे मक्का और मदीना को शिफ्ट नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के लिए यह मायने नहीं रखता कि मंदिर बाबर ने गिराई या औरंगज़ेब ने। यह मुस्लिम पक्ष के लिए अहमियत रखता है कि बाबर ने मस्जिद कैसे बनवाई?
पीएन मिश्रा ने कहा कि रामजन्मभूमि से 85 स्तंभ मिले थे जिनमें से 84 स्तंभ को विक्रमादित्य ने स्थापित किया था और एक गरुड़ स्तंभ था।हमारी आस्था और विश्वास है कि जन्मभूमि पर ही मस्जिद बनी है। हम लंबे अरसे से पूजा करते आ रहे हैं, सभी गजेटियर में उस जमीन को जन्मस्थान बताया गया है।
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