
पाकिस्तान से करीब 100 हिन्दू भारत आए हैं। वे इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों को बोलकर आए हैं कि वह भारत में ही बसना चाहते हैं।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, यह कहना है पाकिस्तान से सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अटारी सड़क सीमा के रास्ते भारत पहुंचे लगभग 100 हिंदुओं के समूह का। पाकिस्तान से आए इन हिंदू परिवारों में महिलाएं, छोटे बच्चों के साथ-साथ युवा लड़कियां भी शामिल थीं।
ये पाकिस्तानी हिंदू हरिद्वार जाकर अपनी धार्मिक मान्यताओं का निर्वाह करेंगे। कई हिंदू अपने मृतक परिजनों को अस्थियां भी साथ लेकर आएं हैं ताकि उनको गंगा में प्रवाहित किया जा सके। इन हिंदू परिवारों को इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास से मात्र 25 दिन का वीजा मिला है लेकिन जिस प्रकार ये लोग अपने साथ पूरे घर का सामान लेकर सीमा के इस पार पहुंचे हैं, उससे लगता है यह पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते।
अपना नाम न बताते हुए इन लोगों ने कहा कि पाकिस्तान उनकी जन्मभूमि है। हम अपनी जन्मभूमि को बुरा नहीं कहना चाहते। हमारे हालत वहां कभी अच्छे थे लेकिन अब कट्टरपंथियों ने पाकिस्तानी हिंदुओं का जीवन दूभर कर दिया है।
एक व्यक्ति ने कहा कि उन्हें हरिद्वार का 25 दिन का वीजा मिला है। वह हरिद्वार में अपनी धार्मिक मान्यताओं की पूर्ति करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने मृतक परिजनों की अस्थियां भी साथ लाएं है, तो कुछ पल चुप रहने के बाद उन्होंने कहा कि कुछ हिंदू परिवार इसके लिए ही हरिद्वार जा रहे हैं।
अधिकतर हिंदू यह बताने से भी डर रहे थे कि वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के कौन से जिला व गांव से आए हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि पाकिस्तान में इंसानियत खत्म हो चुकी है। वह इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों को बोलकर आए हैं कि वह भारत में ही बसना चाहते हैं।
एक अन्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए क्या करते हैं, इसके बाद ही आगे विचार किया जाएगा। जब उनसे यह पूछा गया कि यदि भारत सरकार उन्हें नागरिकता दे तो क्या वह भारत में रहना चाहेंगे, तो उन्होंने तुरंत कहा, बेशक।
पाकिस्तान से भारत पहुंचीं हिंदू महिलाएं की गोद में छोटे बच्चे भी थे। उनके चेहरे पर भय के भाव थे।
एक महिला से पूछा कि क्या वह अब अपने परिवार के साथ भारत में ही रहना चाहती हैं तो वह कुछ देर तक खामोश रही। फिर कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहती। इसके बाद वह अपने बच्चे को छाती के साथ लगाते हुए आगे बढ़ गई।
इस जत्थे के साथ आई एक युवती ने कहा कि वह अपनी भारत माता के देश में आए हैं। उसका परिवार यहां रहना चाहता है। पाकिस्तान में कई हिंदू भाइयों की हत्या कर दी गई है। भारत आए पाकिस्तानी हिंदू घूमने के नहीं, बसने के लिए आए हैं।
अंतरराष्ट्रीय अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे पाकिस्तानी हिंदुओं का कुशलक्षेम लेने पहुंचे दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि यह परिवार अपने धर्म को बचाने के लिए पाकिस्तान को सदा के लिए अलविदा कह कर आए हैं। इन परिवारों ने नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारत में शरण ली है।
पाकिस्तान के कट्टरपंथियों ने वहां बसे हिंदू-सिख परिवारों पर भारी मानसिक दबाव बनाया हुआ है। दिल्ली कमेटी ने इस संदर्भ में भारत सरकार से बातचीत की थी। वह जल्दी ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर इन परिवारों को भारत की नागरिकता देने का आग्रह करेंगे।
पाकिस्तान से आए एक परिवार के 10 सदस्य बहुत पढ़े-लिखे हैं। वहां पर इस परिवार पर कट्टरपंथी ताने कसते थे। यह परिवार अब पाकिस्तान नहीं लौटना चाहता। जो परिवार आज भारत आए हैं, वह इन परिवारों के साथ संपर्क में थे।
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