
नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के अल्पसंख्यक आयोग में एक घोटाला सामने आया है। आरोप आयोग से जुड़े चार अधिकारियों पर है। इनमें दो दानिक्स अधिकारी हैं। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन डॉ. जफरूल इस्लाम खान ने आईपी इस्टेट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसकी जानकारी उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर दी गई है।
एफआईआर के मुताबिक, इस साल जनवरी में आयोग के लिए बड़ी मात्रा में स्टेशनरी और दूसरी चीजें खरीदी गईं। इनमें 27 तरह की चीजों की खरीद दिखाई गई। छाते, मच्छर भगाने वाली दवा, ग्लू स्टिक, पेन, नोट शीट, फोटो स्टेट रिम, रूम फ्रेशनर, हिट स्प्रे, इलेक्ट्रिक केतली, डस्टर, ग्लास, एक्सटेंशन कॉड और स्टैपलर शामिल हैं। मगर, आयोग में इनमें से कुछ नहीं मिला। इन सभी चीजों के लिए पेमेंट कर दी गई थी। पेमेंट के लिए भी कई कंपनियों के बिल दिखाए गए। तमाम चीजें स्टॉक में नहीं थीं। शक है कि चीजों को केवल पेपर पर ही खरीदा गया। हकीकत में ये सामान आए ही नहीं, लेकिन इसके लिए पेमेंट कर आयोग को चूना लगाया गया।
इसके अलावा, विकास भवन में मौजूद दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अधिकारियों की जब विजिट कराई गई तो आयोग के दफ्तर से 34 तरह की चीजें नदारद थीं। इनमें लोहे की दो अलमारी, दो हॉटकेस, चार ऑयल हीटर, एक कॉफी मशीन, 50 टेलिफोन इंस्ट्रूमेंट, एक फोटो कॉपी मशीन, एक एसी, पांच प्रिंटर, एक टीवी, एक यूपीएस, 12 टेबल टॉप, एक स्कैनर, एक रिकॉर्डर एंप्लीफायर, दो कलर प्रिंटर, चार फैक्स मशीन, 13 सीपीयू, नौ बड़े मॉनिटर, तीन एलसीडी मॉनिटर, एक प्रोजेक्ट स्क्रीन, 6 की-बोर्ड, 15 माउस, एक टेबल, तीन चेयर, 2 लैपटॉप, एक पंखा और दो प्रोजेक्टर समेत कई चीजें भी गायब मिलीं। इस मामले में पुलिस से 17 सितंबर को शिकायत की गई थी। इसके बाद सेंट्रल जिले की आईपी इस्टेट थाना पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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