
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और तालिबान भविष्य में वार्ता बहाल कर सकते हैं। आपको बता दें कि अफगानिस्तान में शांति और स्थायित्व के लिए कैंप डेविड में रविवार को अमेरिका और तालिबानी नेताओं के साथ होने वाली गोपनीय बैठक को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रद्द कर दिया था।
हालांकि विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अमेरिका और तालिबानी नेताओं के बीच बातचीत दोबारा हो सकती है।
पॉम्पिओ ने से कहा, ‘मैं निराशावादी नहीं हूं। मैंने तालिबान को वह कहते और करते देखा है जो उन्हें पहले करने की अनुमति नहीं थी।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि इस मामले पर तालिबान अपने बर्ताव में परिवर्तन लाएगा और उन बातों पर दोबारा प्रतिबद्धता जताएगा जिन पर हम कई महीनों से बात कर रहे थे। अंत में इसका समाधान कई चरण की बातचीत से ही होगा।’
उन्होंने कहा कि वह तालिबान से अफगानिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार से बातचीत ना करने के हठ को छोड़ने की अपील भी करते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि तालिबान और अफगानिस्तान के नेताओं के साथ ‘कैंप डेविड’ में होने वाली गोपनीय बैठक रद्द कर दी गई है।
काबुल में पिछले सप्ताह हुई बमबारी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। इस हमले में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई थी। ट्रंप ने कहा था कि उन्हें रविवार को ‘कैंप डेविड’ में दो पक्षों के साथ अलग-अलग वार्ता करनी थी, लेकिन तालिबान के लगातार हिंसात्मक कृत्यों ने उसे विश्वास ना करने योग्य बना दिया।
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