
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा है कि भीड़ द्वारा पीट-पीट कर किसी व्यक्ति की जान लेने के मामलों या अन्य अपराधों से निपटते समय जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरायकेला-खरसावां जिले में एक मोटरसाइकिल चुराने के आरोपी मुस्लिम युवक की हाल में भीड़ द्वारा की गई कथित हत्या के बारे में दास ने कहा, ”मेरी सरकार इस घटना की कड़ी निंदा करती है। अपराधियों को सजा देना हमारी प्रतिबद्धता है… झारखंड देश में पहला ऐसा राज्य है जहां दोषियों को शीघ्र सजा देकर इस प्रकार के मामलों से त्वरित गति से निपटा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि तबरेज अंसारी की भीड़ ने पिटाई की थी और उसकी बाद में मौत हो गई थी। दास से लोगों से अपील की कि वे कानून को हाथ में नहीं लें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ”अपराधियों को सजा देने के लिए प्रतिबद्ध है, भले ही अपराधी किसी भी जाति या धर्म के हों।
उन्होंने इन घटनाओं को ”साम्प्रदायिक रंग देने के लिए विपक्ष की आलोचना की और कहा कि चीजों को बढ़ा-चढ़ा कर नहीं बताया जाना चाहिए और ”इस प्रकार की घटनाओं के लिए सरकार या किसी विशेष राजनीतिक दल को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
दास ने यहां ‘पीटीआई भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ”इस प्रकार का अपराध हो या कोई अन्य अपराध हो, मेरी सरकार इस अराजकता को सहन नहीं करेगी… अपराधियों को सजा देने में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा… सभी के खून का रंग समान है। हमारा सिद्धांत साम्प्रदायिक सद्भावना, शांति और भाईचारा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया है और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
दास ने कहा कि इस प्रकार की भीड़ हिंसा की घटनाएं कांग्रेस की सरकार में भी हुई हैं लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि झारखंड में त्वरित अदालतों के जरिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड ने इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों का पूरा पालन किया है।
This is syndicated feed from Siasat.com we have not made any changes to the content Source