लोकसभा ने मंगलवार को मोटर वाहन (संशोधन) बिल-2019 को मंजूरी दे दी. इसमें रोड सेफ्टी को लेकर बहुत सख्त प्रावधान किए गए हैं. तमाम मामलों में ड्राइविंग के दौरान मामूली गलती पर भी भारी जुर्माना लगेगा. चाहे ड्राइविंग के दौरान ओवरस्पीड का मामला हो, बिना हेल्मेट या बिना बेल्ट या फिर नशे में ड्राइविंग कर रहे हैं तो जुर्माने की रकम कई गुना तक बढ़ाने की तैयारी है. आपको बता दें कि मौजूदा कानून में क्षतिपूर्ति का फैसला एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल करता है, जिसमें मृतक और घायल के लिए उसकी उम्र, इनकम, आश्रितों के अनुसार हर्जाने का प्रावधान है जो हजारों रुपये से लेकर लाखों और करोड़ों में जा सकता है, लेकिन राहत के नाम पर मृत्यु की स्थिति में क्षतिपूर्ति की राशि को अधिकतम 5 लाख रुपये और घायल होने पर ढाई लाख रुपये की राशि दी जाती है.
मोटर व्हीकल एक्ट के नए नियम
(1) अगर आप अब बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं तो धारा-196 के तहत 2000 रुपये का चलाना होगा. इससे पहले 1000 रुपये का जुर्माना लगता था.
(2) हिट एंड रन के मामले में सरकार 2 लाख रुपये या उससे अधिक का मुआवजा मृतक के परिजनों के देगी. अब तक यह रकम 25 हजार रुपये थी.
(3) कार चलाते वक्त मोबाइल से बात करते पकड़े जाने पर पहले 1000 रुपये जुर्माना लगता था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है.
(4) बिना हेलमेट कार और बाइक चलाने पर 1000 रुपये का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है. फिलहाल ये जुर्माना सिर्फ 100 रुपये है.
(5) सामान्य (धारा-177) और (नई धारा-177-ए) के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पहले 100 रु. का जुर्माना लगता था, अब 500 रुपये जुर्माना लगेगा.
(6) बिना टिकट बस में यात्रा (धारा-178) के तहत पहले बस में बिना टिकट चलने पर 200 रुपये का जुर्माना था, अब 500 रुपये कर दिया गया है.
ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू से लेकर ये सभी 15 नियम बदले
(7) ट्रैफिक विभाग के संबंधित अधिकारियों के आदेश को नहीं मानने (धारा-179) पर पहले 500 रुपये का जुर्माना था, अब 2000 रुपये लगेंगे.
(8) बिना लाइसेंस के अनधिकृत वाहन चलाने पर धारा-180 के तहत पहले 1000 रुपये का जुर्माना लगता था, अब 5000 रु. लगेगा.
(9) बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर धारा-181 के तहत पहले 500 रुपये जुर्माना लगता था, अब 5000 रुपये लगेगा.
(10) बिना योग्यता गाड़ी चलाने पर धारा-182 के तहत पहले 500 रुपये का जुर्माना था, जो अब बढ़कर 10 हजार रुपये कर दिया गया है.
लाइसेंस नियमों में भी होगा बदलाव(11) शराब पीकर गाड़ी चलाने पर धारा 185 के तहत पहले 2000 रु. का जुर्माना था, जो अब पांच गुना बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है.
(12) तेज गति में गाड़ी चलाना या रेस करने पर धारा-189 के तहत पहले 500 रुपय़े का जुर्माना लगता था, अब 5000 रुपये का जुर्माना लगेगा.
(13) सीट बेल्ट नहीं लगाने पर धारा-194बी के तहत पहले 100 रुपये जुर्माना लगता था, अब 1000 रुपये लगेगा.
(14) दोपहिया वाहनों की ओवरलोडिंग पर धारा-194सी के तहत पहले 100 रुपये जुर्माना लगता था, अब उसे बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है, साथ ही तीन महीने के लिए लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
(15) किसी आपातकालीन गाड़ी (जैसे एंबुलेंस) को रास्ता नहीं देने पर धारा-194ई के तहत पहली बार 10000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.
जरूरी बातें-ट्रैफिक नियमों का पालन मजबूती से किया जाए, इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में बदलाव कर मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 को लोकसभा में पास किया गया. ये बिल अप्रैल 2017 में भी लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा में पास नहीं होने के कारण अटक गया था. मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद अब विभिन्न प्रकार के ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा सजा होगी और जुर्माना भी ज्यादा लगेगा.
नए एक्ट में तय मानक से कमतर इंजन बनाने पर गाड़ी बनाने वाली कंपनियों पर 500 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है. ड्राइविंग लाइसेंस बनाने या वाहन का पंजीकरण करवाने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा. सरकार का मानना है कि जुर्माने की राशि कम होने की वजह से लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते