
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अमेरिका की नजर भारत और पाकिस्तान के अगले रुख पर है। अमेरिका ने सोमवार को कहा कि वह भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है।
साथ ही उसने सभी पक्षों से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि हम नियंत्रण रेखा पर सभी पक्षों से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील करते हैं।
जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त किए जाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हम जम्मू कश्मीर की घटनाओं पर करीब से नजर रख रहे हैं।
हमने जम्मू कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में तब्दीली की भारत की घोषणा और राज्य को दो केन्द्रशासित प्रदेशों में बांटने की योजना को संज्ञान में लिया है। सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि यूएन के सैन्य पर्यवेक्षक समूह की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सैन्य गतिविधि में वृद्धि हुई है।
इस रिपोर्ट के बाद संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सीमा पर स्थिति और न बिगड़े।
जम्मू-कश्मीर के विवादित क्षेत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की निगरानी के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों को जनवरी, 1949 में तैनात किया गया था। पाकिस्तान संयुक्त पर्यवेक्षकों को एलओसी की निगरानी करने की अनुमति देता है, जबकि भारत इसकी इजाजत नहीं देता है।
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