
फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने कहा है कि वे ईरान के एक महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र में परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने से बेहद चिंतित हो रहे हैं।
न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, तीनों देशों और यूरोपीय संघ की ओर से सोमवार को जारी किया गया एक संयुक्त बयान में कहा गया,‘फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन के विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि आज की हालिया घोषणाओं से बेहद चिंतित हैं कि ईरान फोर्डोव संयंत्र में यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम फिर से शुरू करने जा रहा है।’
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के हवाले बयान में यह पुष्टि की गई। तीनों देशों और यूरोपीय संघ की तरफ से जारी बयान में कहा गयाहै की ‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने 11 नवंबर की अपनी एक रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की है।’ पैरिस, बर्लिन,लंदन और ब्रसल्ज ने कहा है कि ईरान का यह कदम 2015 के संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के विरोध में है।
ईरान अपने कुछ परमाणु कार्यक्रमों पर रोक लगाने के लिए सहमत हो गया था। संयुक्त बयान में कहा गया कि तेहरान का यह हालिया निर्णय जेसीपीओए की प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करने जैसा कृत्य दिखाता है।
वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका के इस समझौते से एकाएक बाहर आ जाने के बाद वह जेसीपीओए के प्रति खुद को बाध्य नहीं मानता। बता दें कि आईएईए ने ईरान पर अपनी एक मौजूदा रिपोर्ट में सोमवार को कहा था कि उसने ईरान के एक प्रतिष्ठान में यूरेनियम के कण भी देखे हैं।
परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने कहा है कि ईरान के अघोषित स्थल पर उसे यूरेनियम के कण मिले थे। अपनी रिपोर्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जारी संस्था ने यह इनफार्मेशन दी है।
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