Yes Bank के संस्थापक राणा कपूर को ईडी आज मुंबई कोर्ट में करेगी पेश, लंबी पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी

यस बैंक के संस्थाक पर रणाकपूर को आज ईडी की टीम मुंबई की अदालत में पेश करेगी। बताया जा रहा है कि लंबी पूछताछ के बाद रविवार तड़के 3 बजे ईडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि राणा कपूर ईडी की पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। ईडी अपने दफ्तर में ईडी टीम उनसे पूछताछ कर रही थी। मेडिकल चेकअप के बाद ईडी की टीम उन्हें कोर्ट में पेश करेगी।

इससे पहले ईडी की टीम ने राणा कपूर घर पर छापा मारा था। जांच ईडी की टीम ने मुंबई के समुद्र महल टॉवर स्थित कपूर के घर पर देर रात तक छानबीन की थी। शनिवार को ईडी ने मुंबई में राणा कपूर से पूछताछ करने के अलावा अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उनकी तीन बेटियों के आवास पर भी छापेमारी की थी। ईडी के एक सूत्र ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने यस बैंक घोटाले में अपनी जांच का विस्तार किया है और वह मुंबई और नई दिल्ली में तीन स्थानों पर तलाशी ली

राणा कपूर की तीनों बेटियों राखी कपूर टंडन, रोशनी कपूर और राधा कपूर के आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई। सूत्र ने कहा कि कपूर की बेटियों के आवासीय परिसरों की तलाशी इसलिए ली गई, क्योंकि वे घोटाले की कथित लाभार्थी हैं।

जांच से जुड़े ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) को यस बैंक द्वारा दिए गए ऋणों के बारे में कपूर से पूछताछ की गई।” अधिकारी ने कहा कि तलाशी के दौरान बहुत से भ्रामक दस्तावेज पाए गए हैं और एजेंसी उसके डीएचएफएल के प्रमोटरों और अन्य कंपनियों के साथ संपर्कों को लेकर पूछताछ करना चाहती है।

एक कंपनी को ऋण देने में कपूर की कथित भूमिका और उनकी पत्नी के बैंक खाते में कथित तौर पर मिली खामियां भी जांच के दायरे में हैं। ईडी ने कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। इसके अलावा कपूर के खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था, ताकि वह देश से बाहर न भाग सके।

ईडी ने डीएचएफएल के खिलाफ अपनी जांच जारी रखने के क्रम में कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया, जिसमें कथित तौर पर पाया गया कि एक लाख फर्जी कर्जदारों का उपयोग करके 80 शेल कंपनियों को 12,500 करोड़ रुपये दिए गए। इन शेल कंपनियों के साथ लेन-देन की तारीख 2015 तक है।

दिल्ली में ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि डीएचएफएल की जांच से पता चला है कि डीएचएफएल द्वारा निकाली गई धनराशि यस बैंक से ही प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात कपूर के आवास पर हुई छानबीन का मकसद यस बैंक द्वारा डीएचएफएल को ऋण देने में किसी भी तरह की अनियमितता का पता लगाना था।

मौजूदा हालात को देखते हुए रिजर्व बैंक ने यस बैंक के खाताधारकों को 50 हजार रुपये तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है। पूर्व एसबीआई सीएफओ प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है। यस बैंक की देशभर में 1,000 से अधिक शाखाएं और 1,800 से अधिक एटीएम हैं।

सरकार के मुताबिक, बैंक बढ़ती खस्ता हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उधर, ग्राहक इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं उनका पैसा डूब न जाए। इससे पीएमसी घोटाले से पहले से ही ग्राहक सकते में हैं।

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