जन्मशती विशेषः मानवीय करुणा और समरसता में भीगी फणीश्वरनाथ रेणु की चर्चित कहानी- ठेस

बिहार के औराही हिंगना (अररिया) में जन्मे फणीश्वरनाथ रेणु की जन्मशती 4 मार्च से आरंभ हो रही है। अपने पहले ही उपन्यास ‘मैला आंचल’ से उन्हें ख्याति मिल गई। उन्हें हिंदी में आंचलिक कथा की नींव रखने का सम्मान प्राप्त है। स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और नेपाली क्रांतिकारी आंदोलन में भाग लेने वाले … Read more

जन्मशती विशेषः मेले का इतिहास जानने के लिए रेणु के साहित्य में ही लौटना होगा

गुलाबबाग, गढ़बनैली, फारबिसगंज, चंपानगर, मदनपुर, श्यामनगर। ऐसे कई छोटे-छोटे गांव, शहर और कस्बों के नाम फणीश्वरनाथ रेणु के कथा-साहित्य में आते हैं। ये सब इस तरह सम्मोहित करते हैं कि उससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। ये स्थान काल्पनिक नहीं, जीवित इतिहास हैं जो आज भी सशरीर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इन्हें … Read more