
वीडियो एप टिक-टॉक अपनी डाटा शेयरिंग पॉलिसी, बच्चों की सेफ्टी और प्राइवेसी को लेकर सरकार के निशाने पर है. IT मंत्रालय ने टिक टॉक को 20 से ज्यादा सवाल भेजकर यूजर्स की सुरक्षा, प्राइवेसी और उनके डाटा की सेफ्टी पर जवाब मांगा है. सूत्रों के मुताबिक अगर टिक टॉक जवाब देने में आनाकानी करता है तो सरकार कंपनी पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उसे बैन भी कर सकती है.
जानिए IT मंत्रालय ने क्या-क्या सवाल पूछे हैं-
- एप उपभोक्ता का कितना डाटा इक्ठ्ठा करता है?
- कंपनी सिंगापुर और अमेरिका के अलावा कहां डाटा स्टोर करती है?
- क्या कंपनी किसी थर्ड पार्टी से डाटा शेयरिंग करती है?
- क्या कंपनी की भारत में सर्वर लगाने की योजना है?
- कंपनी 18 साल से कम उम्र वाले यूजर्स को किस तरह वेरीफाई करती है?
- क्या कंपनी आईटी इंटरमिडियरी रूल्स 2011 का पालन करती है?
- क्या कंपनी अपने इंफुलेंर्स की सेवाओं का इस्तेमाल करती है?
- बच्चों की प्राइवेसी का उल्लंघन करने पर FTC ने कंपनी पर 5.7 मिलियन डालर का जुर्माना लगाया है, क्या भारत में कंपनी ये नियम पालन करती है?
- कंपनी के भारत के कितने ऑफिस औऱ कर्मचारी हैं?
- बाकी देशों में टिक टॉक चलाने की उम्र कितनी है?
- कंपनी अपने प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक कंटेंट हटान के लिए क्या कर रही है?
- 1 जुलाई 2017 से अब तक कंपनी को कितनी शिकायतें मिली औऱ कंपनी ने उनका क्या किया?
- क्या कंपनी ट्रांसपेरेसी रिपोर्ट को पब्लिक करती है?
- कंपनी अभिवाविकों के संदेह को दूर करने के लिए क्या कर रही है?
This is syndicated feed from Siasat.com we have not made any changes to the content Source