
भारत जल्द ही मलेशिया से पॉम ऑयल का आयात बंद करेगा। रिफाईनरीज को मौखिक आदेश में सरकार के फैसले से सोमवार को अवगत कराया गया। पिछले साल भारत ने मलेशिया से करीब 5 लाख टन पॉम ऑयल आयात किया था। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35 ए हटाने का विरोध किया था। मोहम्मद ने नागरिकता कानून में संशोधन का भी विरोध किया था। विदेश मंत्रालय ने मलेशियाई राजदूत को बुलाकर साफ कर दिया था कि भारत इसे आंतरिक मामलों में दखल मानता है।
भारत हर साल करीब 9 लाख टन पॉम ऑयल आयात करता है। 2019 में करीब 5 लाख टन पॉम ऑयल मलेशिया से आयात किया गया था। कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करने वाले मलेशिया से मोदी सरकार पहले ही खफा थी। इसके बाद जब महातिर ने सीएए का विरोध किया तो सरकार ने मलेशिया को सबक सिखाने की तैयारी कर ली। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सोमवार को पॉम ऑयल रिफाईनरीज के संचालकों को मौखिक तौर पर मलेशिया से आयात बंद करने को कहा गया। मलेशिया को जीडीपी का 2.8 फीसदी पॉम ऑयल एक्सपोर्ट से ही प्राप्त होता है। यह उसके कुल निर्यात का 4.5 प्रतिशत है।
इंडोनेशिया को फायदा होगा
सोमवार को खाद्य तेल के बड़े कारोबारियों और सरकार की मीटिंग हुई। एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया, “मीटिंग में शामिल कारोबारियों से कहा गया है कि वो मलेशिया से पॉम ऑयल आयात बंद करें।” खास बात ये है कि सरकार ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया। सरकार कई वैकल्पिक कदम उठा सकती है। इंडोनेशिया से आयात बढ़ाया जा सकता है। नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही इशारा दे दिया था कि मलेशिया को सबक जरूर सिखाया जाएगा। महातिर सरकार के विरोधियों ने भी अपने प्रधानमंत्री के बयान की निंदा करते हुए इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताया था। दूसरी तरफ, मलेशिया के उद्योग मंत्री ने इस मामले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “भारत ने हमें लिखित तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है।”
This post appeared first on The Siasat.com https://hindi.siasat.com/ SOURCE POST LINK