बी•बी•सी• न्यूज ने कहा है कि, सोशल मीडिया समेत कई बड़े भारतीय टीवी न्यूज़ चैनलों पर दिखाया जा रहा "पाकिस्तान में तथाकथित भारतीय एयरस्ट्राइक” का वीडियो 26 फ़रवरी की सुबह का नहीं, बल्कि पुराना है।इस वीडियो को शेयर करने वालों ने दावा किया है कि किस तरह भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जाकर जैश- ए- मोहम्मद के बड़े कैंप को तबाह किया।
भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने मंगलवार सुबह प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर भारतीय वायु सेना के इस कथित ख़ुफ़िया मिशन की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, "भारत सरकार को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि जैश- ए- मोहम्मद देश के दूसरे हिस्सों में आत्मघाती हमले करने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मंगलवार तड़के भारत ने बालाकोट में जैश के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया।”इन हैशटैग्स के साथ फ़ाइटर विमानों द्वारा कथित बमबारी का जो एक वीडियो शेयर किया जा रहा है और टीवी पर दिखाया जा रहा है, वो पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूज़र्स के अनुसार 22 सितंबर 2016 का है।सितंबर 2016 में यू-ट्यूब पर पोस्ट किए गए इस वीडियो को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का बताया गया है।
वीडियो में कुछ फ़ाइटर विमान इस्लामाबाद शहर के ऊपर गश्त करते दिखाई देते हैं और इसी दौरान इनमें से एक विमान ‘लाइट फ़्लेयर’ छोड़ता है।पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर के 22 सितंबर 2016 के ट्वीट से पाकिस्तान की वायु सेना के विमानों द्वारा इस्लामाबाद शहर के ऊपर गश्त करने की पुष्टि होती है।सितंबर 2016 की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब 18 सिंतबर 2016 को हुए उड़ी हमले के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते तल्ख़ होते दिख रहे थे, तब पाकिस्तान की वायु सेना ने भारत की ओर से किसी हमले की आशंका में इस्लामाबाद और उसके क़रीब फ़ाइटर विमानों की लैंडिग का अभ्यास किया था।इस अभ्यास के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों को लाहौर-इस्लामाबाद हाइवे पर उतारने की प्रैक्टिस भी की गई थी।