
पूर्वी येरुशलम और वेस्ट बैंक के हिस्सों पर इस्राइल का 1967 से कब्जा है। इस्राइल ने उस वक्त युद्ध के दौरान ही यहां कब्जा जमा लिया था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनो हिस्सों को मान्यता दे रखी है।
वहीं वेस्ट बैंक में रहने वाले फलस्तीनी नागरिक पूर्वी येरुशलम और गाजा पट्टी को मिलाकर एक देश बनाना चाहते हैं। इसे देखते हुए वर्ष 2000 में इस्राइल ने कहा था कि फलस्तीनी आत्मघातियों को इस्राइल तक पहुंचने से रोकने के लिए उसे वेस्ट बैंक में विभाजन की दीवार खड़ी करनी है। वहीं फलस्तीनियों का दावा है कि ये जमीन हड़पने के लिए इस्राइल की चाल है।
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, अदालत में पेश दस्तावेजों के मुताबिक गांवों को विभाजित होने या किसी अन्य परेशानी से बचाने के लिए स्थानीय लोगों से समझौतों के बाद इस्राइल ने वेस्ट बैंक के अंदर निर्माण कार्य किया था। सुर बहेर भी ऐसा ही एक क्षेत्र है। वहीं स्थानीय लोगों इस्राइल के इस दावे को गलत बताते हैं।
स्थानीय लोगों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पूर्वी येरुशलम में इस्राइल से निर्माण परमिट लेना संभव नहीं है। फलस्तीनी प्राधिकरण से अनुमति के बाद वेस्ट बैंक के आसपास के गांव में निर्माण कार्य शुरू हुआ था।
वहीं निर्माण कार्य ध्वस्त करा रही इस्राइली सेना का कहना है कि उनके द्वारा पहले भी निर्माण कार्य को रोकने का आदेश दिया जा चुका था। विभाजन क्षेत्र के पास ऊंची इमारतों को बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। लोगों ने आदेशों को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य किया है। इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
Syndicated Feed from Siasat hindi – hindi.siasat.com Original Link- Source