वेस्ट बंगाल में ओवैसी की दस्तक से ममता के मुस्लिम विधायकों में हलचल,देखिए

नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी बिहार महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश झारखण्ड के बाद अब पश्चिम बंगाल में सियासी बिसात बिछाने में लगे हैं जिसको लेकर ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं।

वेस्ट बंगाल में बीजेपी के बढ़ते ग्राफ और ओवैसी के बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान ने टीएमसी प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी की चिंता को बढ़ा दिया है. इसी के मद्देनजर ममता बनर्जी ने ओवैसी को लेकर अपने तेवर सख्त कर लिए हैं और कड़े हमले करने शुरू कर दिए हैं तो औवैसी ने इसे मुसलमानों का अपमान बताया. इस तरह से ममता बनर्जी दोतरफा चुनौतियों से घिरी हुई नजर आ रही हैं।

बता दें कि बिहार के मुस्लिम बहुल इलाके किशनगंज सीट पर एआईएमआईएम के उम्‍मीदवार कमरुल होदा ने विधानसभा उपचुनाव में अपनी जीत दर्ज की थी. बिहार का यह इलाका पश्चिम बंगाल से सटा हुआ है. अब असदुद्दीन ओवैसी ने 2021 में बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में लड़ने का ऐलान किया है. इसके चलते ममता बनर्जी अपने वोटबैंक को लेकर सशंकित नजर आ रही हैं।

ममता बनर्जी ने सोमवार को ओवैसी का नाम लिए बिना ही कूचबिहार में एक जनसभा में उनपर जमकर हमला किया और अपने भाषण में आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी बीजेपी से पैसा लेकर काम कर रही है।

जैसे हिंदुओं में चरमपंथी हैं, उसी तरह अल्पसंख्यकों में भी चरमपंथी सामने आ रहे हैं. एक राजनीतिक पार्टी है, जो बीजेपी से पैसे ले रही है. वह पार्टी हैदराबाद से है, पश्चिम बंगाल से नहीं है. लोग हैदराबाद वाले चरमपंथियों को सुनने से बचें और ऐसी ताकतों पर विश्वास नहीं करें।

असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए मंगलवार कहा कि ममता का बयान उनकी निराशा और हताशा दिखाता है. इससे पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम बड़ी ताकत बनकर उभर रही है. ओवैसी ने कहा कि हम न्याय और अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।

अगर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इसे चरमपंथ के तौर पर देखती हैं, तो मैं कुछ नहीं कर सकता. चरमपंथ तब है जब आप (ममता) बीजेपी को 18 सीटें जीतने देती हैं. चरमपंथ तब है, जब 320 मुसलमानों के वोट देने के बाद भी आप बीजेपी को नहीं रोक पाती हैं और मुझे गाली देकर राज्य के मुसलमानों का अपमान करती हैं।

ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की खराब सामाजिक हालात को लेकर ममता बनर्जी को चिंतित होना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि ममता बनर्जी की बातों से मुसलमानों को निराशा हाथ लगी है. मुसलमानों ने पूरे दिल से उन्‍हें वोट दिया था और इस बात को उजागर किया था कि उनकी पार्टी बंगाल में हार रही है।

ममता बनर्जी पहले से ही बीजेपी से घिरी हुई हैं. बीजेपी ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगातर हिंदुओं मतों को साधने में जुटी है. इसका नतीजा है कि बीजेपी का ग्राफ बंगाल में लगातार बढ़ा है. इसी साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही है. बीजेपी के बाद अब असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम बंगाल में अपने ग्राफ को बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है. ऐसे में ओवैसी ने बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के कुल मतदाताओं में से करीब 30 फीसदी मुस्लिम हैं. ऐसे में बंगाल की सियासत में ये मतदाता किंगमेकर की भूमिका में हैं. मौजूदा समय में मुस्लिम मतदाताओं को टीएमसी का मूल वोटबैंक माना जाता है. ऐसे में ओवैसी की नजर इन्हीं मुस्लिम मतों पर है, जिसने ममता बनर्जी को चिंता में डाल दिया है।

यही वजह है कि ममता बनर्जी ने बीजेपी को निशाने पर लेने के साथ-साथ अब औवैसी को अपने टारगेट पर लेना शुरू कर दिया है. ऐसे में देखना होगा कि आगे क्या इन दोनों दलों के नेताओं के बीच इसी तरह से जुबानी जंग जारी रहती है या इनकी लड़ाई का फायदा कोई और उठा ले जाएगा?

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