
नई दिल्ली: हत्या और बलात्कार जैसे मामलों में जेल की सजा काट रहा गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर आ सकते है.ये हम नहीं बल्कि हरियाणा के जेल मंत्री का इशारा तो यही कहता है. दरअसल गुरमीत राम रहीम ने प्रशासन से पेरोल की मांग की है. जब इस बारे में राज्य सरकार के मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा, जेल में बंद कोई भी अपराधी दो साल बाद पेरोल का हकदार होता है. अगर उसका चाल चलन जेल में ठीक रहता है तो वह अपने लिए दो साल बाद पेरोल मांग सकता है.
राम रहीम की पैरोल को लेकर जेल मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि जेल में बाबा का आचरण अच्छा है. ऐसी रिपोर्ट एसपी जेल ने दी है. बाकी किसी कैदी को पैरोल देनी है या नहीं इसका फैसला कमिश्नर का होता है. हालात दोबारा न बिगड़ें इसको लेकर क्या कुछ प्लानिंग है. इसको लेकर कृष्ण पंवार ने कहा उनका जो काम था उन्होंने वो किया है बाकी सिविल पुलिस व प्रशासन इसको देखेगा.
रोहतक के सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम ने कृषि कार्य के लिए 42 दिन के लिए पेरोल मांगी है. पेरोल मामले पर सिरसा पुलिस अपनी रिपोर्ट सिरसा के डीसी को सौंपेगी. उसके बाद डीसी अपनी रिपोर्ट रोहतक के मंडल आयुक्त को देगी जिसके बाद राम रहीम की पेरोल पर फैसला होगा.
बता दें कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वी योन शोषण और पत्रकार छतरपति हत्याकांड मामले में सजा काट रहा है. राम रहीम ने जेल अधीक्षक से डेरे के कृषि कार्यो के लिए 42 दिनों की पेरोल की मांग की थी, जिसके बाद जेल अधीक्षक ने सिरसा के डीसी को पत्र लिखकर रिपोर्ट देने के लिए कहा था. इसके आधार पर राम रहीम को पेरोल दो जानी है. डीसी सिरसा ने पुलिस को आदेश दिए थे कि वह कानून व्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश करे.
डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि इस मामले में एसएचओ सदर और एसएचओ सिटी को लिखा था. वह दोनों थाना प्रभारी अपनी रिपोर्ट देंगे. उसके बाद पुलिस अधीक्षक अपनी रिपोर्ट डी सी सिरसा को देंगे. उम्मीद है की ये रिपोर्ट हम जल्द डीसी को सौंप देंगे.
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