यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक की सख्ती के बाद ग्राहकों में हड़कंप मचा हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। आरबीआई ने निर्देश जारी कर कहा है कि यस बैंक के ग्राहक फिलहाल अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकते हैं। यह पाबंदी हर किस्म के खाते पर लागू होगी। इस फैसले के बाद सुबह से आज एटीएम के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई है। हालात ऐसे हो गए है कि अब एटीएम में कैश खत्म होने लगा है।
Maharashtra: People queue up outside Yes Bank's Fort Branch in Mumbai. The bank was placed under moratorium by Reserve Bank of India (RBI) and the withdrawal limit was capped at Rs 50,000, yesterday. pic.twitter.com/SEUglndblM
— ANI (@ANI) March 6, 2020
लोगों में डर का माहौल और बैंकों के बाहर अफरातफरी के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 30 दिन जो दिए गए हैं वो आउटर लिमिट है। आप आरबीआई की तरफ से स्कीम को रिवाइव करने के लिए कदम उठाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बैंक पिछले कई महीनों से कोशिश कर रहा है। जब हमें पता लगा कि अब हम ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते तब हमने मामले में दखल दिया।
Reserve Bank of India (RBI) Governor Shaktikanta Das in Mumbai: The 30 days which we have given is the outer limit, you will see very swift action from the RBI to put in place a scheme to revive #YesBank. pic.twitter.com/7GIT45CUnr
— ANI (@ANI) March 6, 2020
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि मैं सभी जमाकर्ताओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके फंड सुरक्षित रहेंगे, और घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं ग्राहकों के पैसे फंसने पर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा है।
Chief Economic Advisor Krishnamurthy Subramanian on #YesBank: I want to assure all depositors that their funds will remain safe, and there is no need to panic. pic.twitter.com/zRdqO3fnRq
— ANI (@ANI) March 6, 2020
वहीं एस बैंक की हालात पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नो एस बैंक। मोदी और उनके विचारों की वजह से अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई।
No Yes Bank.
Modi and his ideas have destroyed India’s economy.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 6, 2020
BJP has been in power for six years. Their ability to govern and regulate financial institutions stands exposed
First, it was PMC Bank. Now it is YES Bank. Is the government concerned at all? Can it shirk its responsibility?
Is there a third bank in the line?
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) March 6, 2020
वहीं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह पूर्ण नियामक विफलता को दर्शाता है। मुझे आश्चर्य है कि क्या यह अंत है या लाइन में और अधिक लोग होंगे। सरकार बिल्कुल चुप रहती है। आइए देखें कि यस बैंक के जमाकर्ता क्या करते हैं, मुझे लगता है कि वे पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं की तरह चिंतित हैं। देखते हैं अब क्या खुलासा।