
मोब लिंचिंग जैसी घटनाओ को रोकने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या गोपालक गाय को एक से दूसरे स्थान पर जाता है तो गोसेवा आयोग उसे एक प्रमाण पत्र मुहैया कराए और उसकी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी ले जिससे कि भीड़ हिंसा जैसी घटनाएं न हों।
उन्होंने ये भी कहा कि आयोग चोरी-छिपे हो रही गो तस्करी को रोके। गोशालाओं में गोवंशों को बांधने की जगह उन्हें परिसर में खुला छोड़ें। आयोग को निराश्रित गोवंश के लिए ही पैसा दिया जाएगा। पशुधन विभाग आयोग के खाते में सीधे पैसा उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्ना प्रथा को समाप्त करने के लिए गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने गोसेवा आयोग के सदस्यों व पदाधिकारियों की उपेक्षा पर अधिकारियों को फटकार लगाने के साथ ही आयोग के गैर सरकारी सदस्यों व अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोसेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य जिलों में जाकर गौशाला स्थलों के निर्माण की स्थिति को ठीक करने का काम करें। आयोग के पदाधिकारियों को समुचित प्रोटोकॉल दिया जाए। फील्ड भ्रमण के दौरान डीएम और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी उनके साथ रहें।
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