
देश में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव बढ़ता ही जा रहा है। पहले तो मुस्लिमों को धर्म की वजह से किराये पर मकान न देने की खबरे आया करती थी। अब मकान मालिक धर्म की वजह से मुस्लिमों को मकान से निकाल रहे है।
ताजा मामला पश्चिम बंगाल का है। कोलकाता में मुस्लिम दंपत्ति अजीज मियां (85) और उनकी पत्नी हसीना बानो (60) को उनके मकान मालिक कुंदन शॉ ने लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद धर्म के चलते घर से बाहर निकाल दिया। अब दोनों बैरकपुर रेलवे स्टेशन में रह रहे।
रिक्शा चालक अजीज मियां और उनकी पत्नी पिछले चालीस सालों से 24 परगना में जगतदल के मोमिनपुर-मोती भवन इलाके में रह रहे थे। अजीज मियां कहते हैं, ‘हमने उसे अपनी आंखों के सामने बड़ा होते हुए देखा है। हमने उसे हमेशा अपने भतीजे की तरह माना। उसने हमारे साथ ऐसा किया… यह विश्वास करना अभी भी मुश्किल है।’
मियां ने आरोप लगाया कि शॉ, जिनके मृत पिता 2014 तक असली मालिक थे, ने उनके साथ मारपीट की और एक कमरे वाले घर से 26 मई को बाहर निकाल दिया और उनकी संपत्ति से कुछ भी ले जाने नहीं दिया। उनके मुताबिक मकान मालिक ने जान लेने की धमकी दी और कहा कि चुनाव परिणाम के बाद चीजें बदल गई हैं और हम घर छोड़कर नहीं गए तो मारे जाएंगे, जिसके दोनों भाग आए।
वहीं हसीना बानो के मुताबिक, ‘हम लोग तो भूल ही गए थे कि हम मुसलमान हैं। इतने दिनों बाद अचानक याद दिला दिया… कि हां हम तो मुसलमान हैं।’ दूसरी और मकान मालिक कुंदन शॉ ने कहा कि वो दबाव में थे, क्योंकि कुछ लोगों ने घर खाली करवाने को कहा था।
शॉ ने कहा, ‘कुछ लोग जिन्हें मैं नहीं जानता चुनाव के बाद मेरे पास आए और कहा… चीजें अब बदल जाएंगी। एक हिंदू मकान मालिक होने के चलते मुझे मुस्लिम किराएदार नहीं रखने चाहिए। अगर मैंने ऐसा किया तो मुसीबत में पड़ जाऊंगा। ऐसे में मैंने मुस्लिम दंपत्ति से सीधे पूछ लिया कि अब क्या किया जाना चाहिए। वो बिना किसी हिंसा या दबाव के घर छोड़कर चले गए। वो डर के मारे खुद चले गए और अब मुझे बदनाम कर रहे हैं।’
शॉ ने अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ से कहा, ‘मगर मुझे खुशी है कि वो चले गए। वो उस घर के लिए मुश्किल से 200 रुपए का किराया दे सकते थे। उन्होंने मेरे घर में गोमांस खाया। वो सत्तापक्ष द्वारा मुसलमानों के समर्थन का दावा करते थे।’
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