नई दिल्ली: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली राज्य में होने वाले चुनाव के प्रचार में एक सभा को संबोधित करते हुए शाहीन बाग में जारी धरने प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी धरने प्रदर्शन चाहे सीलमपुर, जामिया या फिर शाहीन बाग के हो, क्या ये सिर्फ संयोग है कि या फिर एक प्रयोग? इसके पीछे राजनीति है।
Citing this video, AAP is saying that what was being projected as the gamechanger rally of PM Modi.. has in reality failed to meet expectations. pic.twitter.com/xtjnsgL4fp
— Saahil Murli Menghani (@saahilmenghani) February 3, 2020
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सीलमपुर हो, जामिया हो या फिर शाहीन बाग, बीते कई दिनों से सीएए को लेकर प्रदर्शन हुए। क्या ये प्रदर्शन सिर्फ एक संयोग है, जी नहीं ये संयोग नहीं ये एक प्रयोग है। इसके पीछे राजनीति का एक ऐसा डिजाइन है जो राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने के इरादे रखता है।
यदि सिर्फ यह सिर्फ एक कानून का विरोध होता तो सरकार के तमाम आश्वासनों के बाद खत्म हो जाता। लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस राजनीति का खेल खेल रहे हैं। अब सारी बातें उजागर हो रही हैं। संविधान और तिरंगे को सामने रखकर ज्ञान बांटा जा रहा है और असली खेल से ध्यान हटाया जा रहा है।

अदालतों की भावना यही रही है कि विरोध प्रदर्शनों से सामान्य लोगों को दिक्कत ना हो, देश की संपत्ति का नाश ना हो। प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट्स ने नाराजगी जताई है, लेकिन यह अदालतों की बात नहीं मानते और बात करते हैं संविधान की।
मोदी ने कहा, ‘इस वजह से कितनी दिक्कत हो रही है। दिल्ली से नोएडा आने जाने वाले लोगों को। दिल्ली की जनता देख रही है, वह चुप है और वोटबैंक की इस राजनीति को देखकर दिल्ली का नागरिक गुस्से में भी है। इस मानसिकता को यहीं रोकना जरूरी है। साजिश रचने वालों की ताकत बढ़ी तो कल फिर कल किसी और सड़क को बंद किया जाएगा, किसी और गली को रोका जाएगा। हम दिल्ली को इस अराजकता में छोड़ सकते हैं। इसको रोकने का काम सिर्फ दिल्ली के लोग कर सकते हैं। बीजेपी को दिया गया हर वोट यह कर सकता है।’
पीएम ने कहा, ‘पहले दिल्ली में आए दिन आतंकी हमले की वजह से बम धामकों में लोग मारे जाते थे। सुरक्षाबलों और दिल्ली के लोगों की सतर्कता से ये हमले रुक गए हैं। लेकिन याद करिए जब इन्हीं हमलों के गुनहगारों को दिल्ली पुलिस ने बाटला हाउस में मार गिराया गया तो इसे फर्जी एनकाउंटर कहा गया।
इन्हीं लोगों ने इस एनकाउंटर पर दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। यही वे लोग हैं जो भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को आज तक बचा रहे हैं। क्या दिल्ली के लोग इसे भूल सकते हैं। इसके पीछे वजह क्या थी, वोट बैंक की राजनीति, तुष्टिकरण की राजनीति।’
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