पूर्वजों को सम्मान देने के लिए सभी मुस्लिम राम मंदिर का समर्थन करे- रामदेव

पूर्वजों को सम्मान देने के लिए सभी मुस्लिम राम मंदिर का समर्थन करे- रामदेव

योगगुरू बाबा रामदेव ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर बुधवार को यहां कहा कि हमारे (हिंदू-मुस्लिम) मजहब अलग हो सकते हैं लेकिन हमारे पूर्वज अलग नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि पूर्वज हमारे एक ही हैं.. पूर्वज हमारे राम हैं, कृष्ण हैं, शिव हैं और मजहब से ऊपर हमारे पूर्वज होते हैं।

चित्रकूट में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के बाघंबरी मठ पधारे बाबा रामदेवने संवाददाताओं से कहा, “अपने पूर्वजों को सम्मान देने के लिए सभी मुसलमानों को खड़ा होकर राम मंदिर का समर्थन करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान में जो मुसलमान हैं, उनके मजहब अलग हैं, लेकिन इनके पूर्वज और हमारे पूर्वज एक ही हैं। इनका डीएनए कहीं बाहर का नहीं है। ये कोई मक्का मदीना से, ईरान से या कहीं मिस्र से नहीं आए हैं।”

उच्चतम न्यायालय में राम मंदिर मामले की सुनवाई तेज किए जाने से क्या फैसला जल्दी आ जाएगा, इस पर बाबा रामदेव ने कहा, “सरदार पटेल के बाद देश में राजनीतिक इच्छा शक्ति और साहस पहली बार देखने को मिला है जब अमित शाह और मोदी की जोड़ी ने धारा 370 को समाप्त करने का विधेयक दोनों सदनों से पारित कराया।” उन्होंने कहा, “राम जो हमारी आस्था हैं, अस्मिता हैं, हमारा इतिहास और हमारा वर्तमान हैं, हमारे पूर्वज हैं.. उनका मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान या मक्का मदीना में बनेगा।

यह जमीन का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि जमीर का मुद्दा है।” बाबा रामदेव ने कहा, “अगर कोर्ट से निर्णय आने में देर होती है तो यह दुर्भाग्य होगा। मध्यस्थता से यह मामला सुलझना होता तो कब का सुलझ जाता। यह मामला कोर्ट से ही सुलझेगा। संसद यदि इस कार्य में पहल नहीं करेगी और अगर देश के लोगों को खड़े होकर मंदिर बनाना पड़े तो यह देश के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्य होगा।”

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