दुनिया की 5 बड़ी खबरें: एलओसी के हालात का जायजा लेने पाकिस्तान पहुंची IOC टीम, मौलाना फजल की जान को गंभीर खतरा

अफगानिस्तान से मुद्दे सुलझाने में अमेरिका को शामिल करने की जरूरत नहीं : पाकिस्तान

कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी मध्यस्थता की राग अलापते रहने वाले पाकिस्तान को अफगानिस्तान से अपने मुद्दे सुलझाने में अमेरिकी दखल मंजूर नहीं है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि अफगानिस्तान से जो भी मसले हैं, उन्हें द्विपक्षीय तरीके से सुलझाया जा सकता है। इसमें अमेरिका को शामिल करने की जरूरत नहीं है। तालिबान और अमेरिका के बीच हुए समझौते में यह भी प्रावधान किया गया है कि अमेरिका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इस वार्ता के लिए जमीन तैयार करेगा कि दोनों देशों को एक-दूसरे से किसी तरह का सुरक्षा खतरा न हो।

बंदियों की रिहाई होने पर ही अफगान वार्ता में लेंगे हिस्सा : तालिबान

अफगानिस्तान में शांति की कोशिशों को सोमवार को एक बार फिर उस वक्त झटका लगा जब तालिबान ने यह साफ कर दिया कि वे अफगानिस्तान के संबंद्ध पक्षों के बीच की वार्ता में तभी हिस्सा लेंगे जब अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत उसके पांच हजार बंदियों को रिहा कर दिया जाएगा। कतर के दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए शांति समझौते में यह प्रावधान है कि तालिबान अपने कब्जे से एक हजार कैदियों को रिहा करेंगे और अफगानिस्तान सरकार पांच हजार तालिबान कैदियों को रिहा करेगी। लेकिन, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रविवार को कहा कि वह इस बारे में वादा नहीं कर सकते कि तालिबान कैदियों को छोड़ा जाएगा। यह अमेरिका नहीं बल्कि अफगानिस्तान के लोग तय करेंगे कि किसे छोड़ा जाए और किसे नहीं।

पाकिस्तान : मौलाना फजल की जान को गंभीर खतरा

पाकिस्तान में सत्तारूढ़ इमरान सरकार के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले रहने वाले जमीयत उलेमाए इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुररहमान की जान को पुलिस ने गंभीर खतरा बताया है और उनसे अपनी सक्रियता घटाने को कहा है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि डेरा इस्माइल खान इलाके की पुलिस ने यह जानकारी देते हुए मौलाना फजल के लिए एडवाइजरी नोटिस जारी किया गया है। इसमें फजल से कहा गया है कि वह अपनी सक्रियता का दायरा कम करते हुए ‘खुद के लिए और अपने घर के लिए सुरक्षा का इंतजाम करें।’ नोटिस में कहा गया है कि मौलाना फजल आतंकवादियों के निशाने पर हैं। उनकी जान को गंभीर खतरा है। इसलिए वह अपनी गतिविधियां कम कर दें और जिस गतिविधि में शामिल होने जा रहे हों, उसके बारे में पहले से जानकारी न दें।

पाकिस्तान में कोरोनावायरस : लोगों को हाथ मिलाने और गले मिलने से रोका

कोरोनावायरस की दहशत से घिरे पाकिस्तान में पेशावर हाईकोर्ट ने अपने कर्मचारियों को हाथ मिलाने और गले मिलने से रोक दिया है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पेशावर हाईकोर्ट ने कोरोनावायरस फैलने के खतरे के मद्देनजर अपने स्टाफ सदस्यों को हाथ मिलाने और गले मिलने से मना कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेशावर हाईकोर्ट और न्यायिक जिले के सभी कर्मचारियों को नौ सूत्री निर्देशों पर अमल करने के लिए कहा गया है।

इसमें कहा गया है कि कर्मचारियों को बॉयोमीट्रिक उपस्थिति नहीं दर्ज करानी होगी। जो अस्वस्थ हैं, वे अवकाश लें और इलाज कराने के बाद ही लौटें। अदालत के कर्मचारी ना एक दूसरे से हाथ मिलाएं और ना ही गले मिलें। जिन्हें हल्की खांसी या बुखार है, वे बिना मास्क लगाए ना आएं। मास्क को रोज बदलकर आना अनिवार्य होगा। वाश रूम में किसी तरह का तौलिया या रूमाल इस्तेमाल में नहीं लाया जाएगा। सभी को टिशू पेपर का इस्तेमाल करना होगा।

एलओसी के हालात का जायजा लेने पाकिस्तान पहुंची ओआईसी टीम

इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और नियंत्रण रेखा (एलोओसी) की यात्रा करेगा और हालात का जायजा लेगा। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी ने ट्वीट कर बताया कि प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ओआईसी महासचिव के जम्मू-कश्मीर मामलों के विशेष दूत यूसुफ अल दोबे कर रहे हैं और प्रतिनिधिमंडल दो से छह मार्च तक पाकिस्तान में रहेगा।

फारूकी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल एलओसी का दौरा कर वहां ‘भारतीय सेना द्वारा की गई गोलीबारी के कारण हुए जान-माल के नुकसान का जायजा लेगा।’

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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