
आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन पर बेशक उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगे में हिंसा भड़काने के आरोप लगे हों, लेकिन ताहिर हुसैन ने इससे साफ इंकार किया है।
अमर उजाला पर छपीीखबर के अनुसार, उनकी सफाई है कि हिंदू धर्म के लोगों के साथ उनके अच्छे ताल्लुकात रहे हैं। यहां तक कि उनके स्टाफ में काफी संख्या में हिंदू हैं।
बृहस्पतिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में गिरफ्तारी से पहले ताहिर हुसैन ने बताया कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है।
दावा किया कि इलाके में जागरण करवाना हो या हनुमान जयंती पर भंडारे की बात हो, वह बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लेते आए हैं। मंदिरों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हैं।
ताहिर हुसैन ने कहा कि पुलिस चाहे तो उनका नार्को टेस्ट भी करवा सकती है। इसका दुनिया के सामने लाइव प्रसारण भी हो। इससे सबको पता चल जाएगा कि वह बेगुनाह हैं। दंगों में उनका कोई हाथ नहीं है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी से निलंबित पार्षद और दिल्ली हिंसा के दौरान आईबी कांस्टेबल की हत्या और दंगा भड़काने के आरोपी ताहिर हुसैन ने गुरुवार को राउज एवेन्यू अदालत में आत्मसमर्पण की याचिका दायर की जिसे अदालत ने खारिज दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
ताहिर के वकील मुकेश कालिया ने बताया कि उन्होंने अतिरिक्त चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विशाल पाहूजा की अदालत में पार्षद की आत्मसमर्पण की याचिका डाली थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
अब पुलिस ताहिर हुसैन की चिकित्सा औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद कस्टडी के लिए उसे कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश करेगी।
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