
तीन तलाक विरोधी कानून को मुस्लिम समाज के लिए एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कानून के आ जाने के बाद देश की मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा और अब कोई उन्हें तीन तलाक देने का भय नहीं दिखा सकेगा।
लेकिन इस कानून को पारित कराने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने देश की मुस्लिम महिलाओं से माफी मांगी है।
एक नागरिक के तौर उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से यह कहते हुए माफी मांगी कि दुर्भाग्य से इस देश में मुस्लिम बहनों को अब तक तीन तलाक का दंश झेलना पड़ा जबकि तमाम मुस्लिम देश इस कुप्रथा से पचासों साल पहले मुक्ति पा चुके हैं।
लाखों मुस्लिम बहनों और उनके बच्चों को इस तरह के किसी कानून के अभाव में भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं और उनका जीवन नारकीय बना रहा।
अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, तीन तलाक पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि अनेक मुस्लिम देश इस कुप्रथा से मुक्ति पा चुके हैं, लेकिन हमारे देश में इसे इस्लाम का एक अंग बताकर मुस्लिम महिलाओं पर थोपा जाता रहा।
उन्होंने कहा कि यह सब केवल सत्ता पाने के शॉर्टकट के कारण हुआ। क्योंकि कुछ लोग केवल इसी तरह के कामों के जरिए सत्ता पाना चाहते हैं।
जबकि असली सरकार वह होती है जो सबको साथ लेकर चले और समाज को आगे की दिशा में लेकर चले। लेकिन सबको साथ लेने के लिए कठिन काम करने पड़ते हैं, इसीलिए कुछ लोग सिर्फ सत्ता के शॉर्टकट में यकीन रखते हैं।
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source