नई दिल्ली: देश के सबसे चर्चित राज्य जम्मू कश्मीर पर चल रही हलचल के बाद अब मामला खुलकर सामने आ गया है,सरकार ने ऐतिहासिक फ़ैसले पर बदलाव करते हुए धारा 370 हटाने की सिफारिश की। इस बदलाव को राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी दे दी गई है।

बसपा की ओर से भी इसे समर्थन दे दिया गया है। गृह मंत्री के इस जवाब पर राज्य सभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। इसमें सिर्फ एक खंड रहेगा। उन्होंने जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का विधेयक पेश किया। जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। लद्दाख भी अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेगा।
Satish Chandra Mishra, BSP MP, in Rajya Sabha: Our party gives complete support. We want that the Bill be passed. Our party is not expressing any opposition to Article 370 Bill & the other Bill. pic.twitter.com/ajRNKwsUlf
— ANI (@ANI) August 5, 2019
राज्यसभा में ‘लोकतंत्र की हत्या नहीं चलेगी’ के नारे लगाए जा रहे हैं। बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, ‘हमारी पार्टी की ओर से पूरा समर्थन है। हम चाहते हैं कि यह विधेयक पारित हो जाए। हमारी पार्टी किसी तरह का विरोध नहीं दर्ज करा रही है।’
PDP's RS MPs Nazir Ahmad Laway&MM Fayaz protest in Parliament premises after resolution revoking Article 370 from J&K moved by HM in Rajya Sabha; The 2 PDP MPs were asked to go out of the House after they attempted to tear the constitution. MM Fayaz also tore his kurta in protest pic.twitter.com/BtalUZMNCo
— ANI (@ANI) August 5, 2019
गृहमंत्री का बयान-
- उन्होंने कहा, ‘अनुच्छेद 370 के तहत तीन परिवारों ने सालों जम्मू कश्मीर को लूटा।’
- अनुच्छेद 370 को हटाने में एक सेकेंड की भी देरी नहीं करनी चाहिए। हमें वोट बैंक नहीं बनाना है।
- भाजपा के पास राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं, विपक्ष के लोग बेखौफ होकर चर्चा करें।’
राज्य सभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने पीडीपी के मिर फयाज और नजीर अहमद को सदन से बाहर जाने को कहा। दोनों ने संविधान फाड़ने की कोशिश की थी।
इस विधेयक पर विरोध दर्शाते हुए पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़ दिए। वहीं विरोधी दल के सांसद राज्यसभा में जमीन पर बैठ गए। राज्यसभा अध्यक्ष को सदन में मार्शल बुलाने पड़े।
प्रधानमंत्री कई राज्यों के मुख्यमंत्री से बात करेंगे। 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। लद्दाख को भी बिना विधानसभा केंद्रशासित प्रदेश की मंजूरी मिल गई है।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने गृहमंत्री के बयान से पहले ही कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में युद्ध जैसे हालात हैं, पूर्व मुख्यमंत्रियों को नजरबंद क्यों कर दिया गया है। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘कश्मीर पर किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हूं।‘
इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में ये बदलाव होंगे-
– इसका अलग झंडा नहीं होगा
– कश्मीर में अन्य राज्यों से लोग ले सकेंगे जमीन
– दोहरी नागरिकता होगी खत्म