
झारखंड की राजधानी रांची की एक स्थानीय अदालत ने अनूठा आदेश सुनाते हुए 19 वर्षीय एक छात्रा को कुरान शरीफ की प्रतियां बांटने को कहा था। छात्रा को यह आदेश सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के मामले जमानत की शर्त की तौर पर दिया गया था।
छात्रा से कहा गया था कि वह शहर में अलग-अलग संस्थानों को कुरान शरीफ की 5 प्रतियां बांटे। बाद में छात्रा ने इस आदेश पर सवाल उठाए और कहा कि वह इसके खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। अब छात्रा को इस मुद्दे पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी का साथ मिल गया है।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ऋचा भारती के स्टैंड का समर्थन किया है। स्वामी ने कहा है, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि ऋचा @Ish_Bhandari से संपर्क करेंगी।
वह इस मुद्दे के लिए सबसे सही शख्स हैं और मैं अदालत में उनकी मदद करूंगा। कुरान बांटने का अर्थ है कि उन हिस्सों को स्वीकृति देना है जो काफिरों और उसके परिणामों की बात करते हैं। ऋचा सभी वास्तविक हिंदुओं के लिए लड़ रही हैं। हम दूसरों के धार्मकि ज्ञान को प्रसारित नहीं कर सकते।’
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