नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वां अधिवेशन न्यूयार्क में हुआ जिसमें तमाम सदस्य देशों के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मौजूद रहे,तुर्की पाकिस्तान भारत मलेशिया सहित तमाम सदस्य मौजूद रहे।
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने अपने भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया. तुर्की एकमात्र मुस्लिम देश है, जिसने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने पर भारत की आलोचना की और पाकिस्तान का समर्थन किया।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा था कि कश्मीर के मौजूदा हालात से तनाव और बढ़ सकता है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति का शुक्रिया भी अदा किया।
साइप्रस और अर्मेनिया ये दोनों तुर्की के पड़ोसी देश हैं. लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों देशों के नेताओं से बातचीत के बाद तुर्की को ये इशारा करने की कोशिश की है कि अगर उसने पाकिस्तान का साथ दिया तो फिर उन्हें उसका जवाब मिल सकता है।
इतिहास गवाह है कि तुर्की के साथ साइप्रस और अर्मेनिया के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं. 20वीं सदी की शुरूआत में अर्मेनिया ने तुर्की पर बड़ी संख्या उनके नागरिकों को कत्ल करने का आरोप लगाया था. साल 1974 में तुर्की ने साइप्रस पर चढाई की थी. लिहाजा दोनों देशों में एक द्वीप के कब्जे को लेकर विवाद है।
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