
कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर से चीन और पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 में परिवर्तन के मुद्दे को पाकिस्तान की शह पर चीन ने यूएनएससी की बैठक में उठाया।
लेकिन यहां शुक्रवार को हुई बैठक में पाकिस्तान और चीन को दुनिया के किसी और मुल्क का समर्थन नहीं मिला। रूस समेत दूसरे देशों ने भारत का समर्थन किया।
वहीं पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से भी झटका मिला है। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया। उनका मकसद ट्रंप से समर्थन मांगने का था।
ज़ी न्यूज़ पर छपी खबर के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को दो टूक जवाब मिला। डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे कहा कि भारत और पाकिस्तान अपने द्विपक्षीय मुद्दे बातचीत से हल करें।
व्हाइट हाउस के डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी होगन गिडली ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात को महत्व दिया है कि भारत और पाकिस्तान अपने मुद्दे द्विपक्षीय बातचीत से हल करें।
उनके अनुसार फोन पर दोनों के बीच क्षेत्रीय विकास और अमेरिका-पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने जैसे मामलों पर भी चर्चा हुई।
वहीं संयुक्त राष्ट्र में भारत के एंबेसडर सैयद अकबरुद्दीन ने बैठक के बाद भारत का पक्ष रखा और चीन व पाकिस्तान को खरी खरी सुनाई। अकबरुद्दीन ने कहा, ये पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मसला है। ये भारत की संवैधानिक व्यवस्थाओं के तह उठाया गया कदम है। किसी दूसरे देश का इससे कोई लेना देना नहीं है।
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