
नेशनल सिटिजन रजिस्टर या एनआरसी की अंतिम लिस्ट प्रकाशित होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भाजपा को सबक सीखना चाहिए, उन्हें देशभर में हिंदु और मुसलमान के आधार पर एनआरसी के संबंध में पूछना बंद करना चाहिए। उन्हें असम में अवैध प्रवासियों के तथाकथित मिथक का जो भंडाफोड़ हुआ है उससे सीखना चाहिए।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मेरा अपना मानना है कि नागरिक संशोधन विधेयक के माध्यम से भाजपा एक बिल ला सकती है जिसमें वे सभी गैर-मुस्लिमों को नागरिकता देने की कोशिश कर सकती हैं, जो फिर से समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा।
उन्होनें कहा कि असम में कई लोगों ने मुझे बताया है कि इस लिस्ट में उनके माता-पिता के नाम शामिल हैं, लेकिन उनके बच्चों के नाम शामिल नहीं हैं। उदाहरण के लिए, मोहम्मद सनाउल्लाह, उन्होंने सेना में सेवा की है। उनका मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। मुझे यकीन है कि उसे भी न्याय मिलेगा।
आपको बता दें कि इस एनआरसी लिस्ट में लगभग 19 लाख लोग अपनी जगह नहीं बना पाए हैं। एनआरसी के राज्य समन्वयक प्रतीक हजारिका ने बताया कि कुल 3,11,21,004 लोगों को इस लिस्ट में जगह मिली है।
उन्होंने कहा कि एनआरसी की फाइनल लिस्ट से 19,06,657 लोग बाहर हो गए हैं। एनआरसी बाहर से किए गए लोगों को अब तय समय सीमा के अंदर विदेशी न्यायाधिकरण या फॉरेन ट्राइब्यूनल के सामने अपील करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त तक एनआरसी की अंतिम सूची जारी करने की अंतिम समय सीमा तय की थी
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source