नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी द्वारा महाराष्ट्र राज्य में अपनी नई कार्यकारणी का ऐलान किया गया है,सैय्यद मोइन के बाद से इस राज्य में पार्टी को कार्यवाहक अध्यक्ष चला रहे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी और महासचिव अहमद पाशा क़ादरी ने औरंगाबाद लोकसभा सीट से निर्वाचित साँसद सैय्यद इम्तियाज जलील को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है,आगामी विधानसभा चुनाव में इम्तियाज जलील के काँधों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।

इम्तियाज जलील को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के अलावा अकील मुजावर को पश्चिमी महाराष्ट्रा का अध्यक्ष,और नाज़िम शेख को विधरभा और फिरोज़ लाला को मराठवाड़ा का अध्यक्ष बनाया गया है,ताकि प्रदेश में सुचारू रूप से काम चल सके।

महाराष्ट्र में अक्तूबर में विधानसभा चुनाव संभावित हैं. इसके लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. जहां बीजेपी ने अभी से ही पूरी गंभीरता से मजबूत प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी है. वहीं, बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राज्य के सूखाग्रस्त ग्रामीण इलाकों में वोटर्स को आकर्षित करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है।

वहीं कांग्रेस की तरफ से भी चुनावी मीटिंग हुई हैं. इस दौरान फोकस ज्यादातर इस बात पर रहा है कि कैसे वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी को कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का हिस्सा बनाया जाए. पार्टी ने सुशील कुमार शिंदे की अगुवाई में एक पैनल भी बनाया है जो इस काम को पूरा करवा सके।
पार्टी का मानना है कि प्रकाश अंबेडकर की अगुवाई वाली अघाड़ी पार्टी का साथ मिलने से उन्हें राज्य में एकमुश्त दलित वोटों का फायदा हो सकता है. हालांकि, अभी तक इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं हो सकी है. हालांकि, यह बात गौर करने वाली है कि सुशील कुमार शिंदे खुद दलित वोटों को अपने पक्ष में न करने के कारण लोकसभा चुनाव हार चुके हैं।