
अमेरिका ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमीरात से फ़ार्स की खाड़ी में तैनात अमेरिकी सैनिकों के ख़र्च का पूरा भुगतान करने की मांग की है। फ्रांस प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने आले सऊद शासन के अधिकारियों के साथ मुलाक़ात में कहा कि वॉशिंग्टन, फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा पर होने वाले ख़र्चों को अकेले नहीं उठाएगा।
उन्होंने कहा कि दूसरों को भी फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा में होने वाले ख़र्चों में अपने हिस्से का पैसा देना होगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने फ़ार्स की खाड़ी में अमेरिका द्वारा उत्पन्न किए गए तनाव में चीन और जापान को घसीटने का प्रयास किया।
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, ट्रम्प ने कहा कि चीन और जापान को हुर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा स्वयं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हुर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा करना केवल हमारी ज़िम्मेदारी नहीं है।
अपने ट्वीट के ज़रिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम मुफ़्त में इस क्षेत्र की शिपिंग लाइन की रक्षा कर रहे हैं, जबकि चीन का 91 प्रतिशत और जापान का 62 फ़ीसद तेल इस इलाक़े से गुज़रता है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प इससे पहले भी सऊदी अरब को अपमानित करते हुए इस देश को दूध देने वाली गाय क़रार दे चुके हैं। ट्रम्प ने अपनी एक चुनावी सभा में कहा था कि सऊदी अरब का शाही शासन, अमेरिका के समर्थन के बिना पंद्राह दिन भी टिक नहीं सकता।
ट्रम्प द्वारा सऊदी अरब के इस अपमान पर जहां आले सऊद शासन में सन्नाटा पसरा हुआ था वहीं इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ट्वीट के जवाब में कहा था कि, “यह अपमान, अपनी सुरक्षा को अपने ही दुश्मन को सौंपने का प्रतिफल है”।
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