
अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के सरकार के फैसले के मद्देनजर कश्मीर के लोगों ने घाटी में हिंसा का नया दौर शुरू होने की आशंका जताई और कहा कि इससे राज्य की मुस्लिम बहुलता वाली पहचान में बदलाव हो सकता है. यहां आए श्रीनगर निवासी फारूक अहमद शाह (50) ने कहा, ‘हम फैसले से चकित हैं और इसने हमें निराश कर दिया है क्योंकि इस अनुच्छेद के साथ हमारी भावनाएं जुड़ी थीं.’
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद को खत्म किए जाने से लोगों का गुस्सा भड़क सकता है. जम्मू भ्रमण पर आए घाटी निवासी 20 वर्षीय अर्शिद वारसी ने कहा, ‘वे (सरकार) हमें कब तक नजरबंद रखेंगे?’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने का मतलब यह नहीं है कि ‘हम अपना आक्रोश व्यक्त नहीं कर सकते.’
इस संबंध में एक अध्यापिका ने वर्तमान स्थिति के लिए राज्य के मुख्यधारा के दलों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘‘आज हमें लगता है कि हमने अपनी पहचान खो दी है. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने ऐसा फैसला किया है जिससे शांति स्थापित होने की जगह आक्रोश और भड़केगा.’
कारोबारी जलील अहमद भट ने कहा कि घाटी में अनिश्चिता के चलते उनका कारोबार अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा और रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘हमें नहीं पता कि कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध हटने के बाद क्या स्थिति होगी. हमें लगता है कि हम सबसे खराब समय की ओर बढ़ रहे हैं.’
भट ने राज्य में फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने पर निराशा जताई और कहा कि घाटी के लोग बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे दो बच्चे राज्य से बाहर पढ़ रहे हैं और उनसे मेरा कोई संपर्क नहीं है. मुझे पता है कि वे यहां स्थिति को लेकर चिंतित होंगे और मुझे यह भी नहीं पता कि वे कैसे होंगे.’
फातिमा बानो ने कहा, ‘क्या अनुच्छेद 370 को खत्म करने से कश्मीर में दशकों पुरानी अशांति खत्म होगी? मुझे ऐसा नहीं लगता.’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 या 35 ए विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वापसी में कोई बाधा नहीं थे. नुसरत नाम की महिला ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि कश्मीर में क्या हो रहा है? मैंने बीती रात वहां अपने परिजनों से बात की जिनसे पता चला कि वहां सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है.’ अपनी बहन की शादी के लिए दिल्ली से खरीदारी कर लौट रहे फैयाज अहमद डार ने कहा कि घाटी के घटनाक्रमों से उसका दिल टूट गया है.
साभार- पीटीआई
Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source