
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राज्यपाल रह चुके अजीज कुरैशी ने अयोध्या प्रकरण पर कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, आगरा के सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होते हुए पूर्व राज्यपाल ने कहा कि अयोध्या पर आया फैसला साक्ष्यों पर नहीं, विश्वास पर दिया गया है।
मुस्लिम इससे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। रिव्यू करने की बात हो रही है, लेकिन मेरा मानना है कि देश में शांति व भाईचारे के लिए मुस्लिमों को पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का समर्थन किया, लेकिन इसके तरीके पर एतराज जताया। इस दौरान उन्होंने उप्र की योगी सरकार पर भी हमला बोला। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि उप्र सरकार कुरैशी बिरादरी के साथ अन्याय कर रही है।
कुरैशी समाज के स्लाटर हाउस और मीट की दुकानें बंद करा दी, जिससे युवा बेरोजगार हो गए हैं।
आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर स्वयं पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह आरोपों से डरने वाले नहीं हैं। पूर्व राज्यपाल कुरैशी ने महाराष्ट्र प्रकरण पर कहा कि रात में लोकतंत्र की हत्या हुई। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग केंद्र की कठपुतली बन गए। वहां भाजपा की किरकिरी हुई और उसे मुंह की खानी पड़ी।
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