
देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था व्यक्ति द्वारा की गई गलतियों से अभी तक नहीं उबर पाई है। इसमें नोटबंदी और जीएसटी को जल्दबाजी में लागू करना है।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह प्रतिशोध की राजनीति को छोड़ कर और हमारी अर्थव्यवस्था को इस संकट से बाहर निकालने के लिए सभी गंभीर कदम उठाए।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में 3.5 लाख नौकरियां जा चुकी हैं। इसी तरह असंगठित क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर लोग नौकरियां खो रहे हैं।
ग्रामीण भारत की स्थिति और दयनीय बन गई है। किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा और ग्रामीण आय गिर गई है। उन्होंने कहा कि जिस कम महंगाई दर को मोदी सरकार दिखा रही है, उसकी कीमत हमारे किसान और उनकी आय है।
पूर्व पीएम ने कहा कि घरेलू मांग में निराशा साफ नजर आ रही है और खपत में वृद्धि 18 महीने के सबसे निचले स्तर पर है। नॉमिनल जीडीपी 15 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कर राजस्व में भारी कमी है।
आपको बताते जाए कि भारतीय अर्थव्यवस्था इन दिनों मंदी की मार से जूझ रही है।पिछली तिमाही में भारत की विकास दर 5 प्रतिशत रही थी। जो दिखाती है कि भारत मंदी के जंजाल में फंस गया है। सबसे हैरानी कि बात है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ सिर्फ 0.6 रही है।
Syndicated Feed from Siasat hindi – hindi.siasat.com Original Link- Source